2.14 रुपये प्रति यूनिट: मध्य प्रदेश ने रचा इतिहास, नीमच दे रहा है देश की सबसे सस्ती बिजली
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मध्य प्रदेश ने स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। राज्य में नीमच और शाजापुर सोलर पार्क के लोकार्पण के साथ ही मध्य प्रदेश देश के ग्रीन एनर्जी मैप पर एक पावरहाउस के रूप में उभरकर सामने आया है।

नीमच बना ग्रीन एनर्जी का हब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने नीमच में 500 मेगावॉट और शाजापुर में 450 मेगावॉट क्षमता वाले सोलर पार्क का उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं पर कुल 2080 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, जो प्रदेश की ऊर्जा जरूरतों को पर्यावरण अनुकूल तरीके से पूरा करने में मदद करेंगे।

रिकॉर्डतोड़ सस्ती दर इस परियोजना की सबसे बड़ी खूबी बिजली की दर है। नीमच सोलर पार्क से उत्पादित बिजली महज 2.14 रुपये प्रति यूनिट की दर पर मिलेगी, जो न केवल देश में बल्कि दुनिया की न्यूनतम दरों में से एक है। शाजापुर सोलर पार्क की दरें भी 2.33 से 2.35 रुपये प्रति यूनिट के बीच हैं, जो आने वाले समय में प्रदेश की बिजली व्यवस्था को और किफायती बनाएंगी।

औद्योगिक विकास और रोजगार को बढ़ावा ऊर्जा के साथ-साथ इन परियोजनाओं से आर्थिक विकास का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है। कार्यक्रम के दौरान 1200 करोड़ रुपये की लागत से एक सोलर ग्लास निर्माण संयंत्र की आधारशिला रखी गई। इससे न केवल सौर पैनल उद्योग को मजबूती मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

मुरैना में सोलर प्लस स्टोरेज का नवाचार राज्य सरकार अब स्टोरेज तकनीक पर भी ध्यान दे रही है। मुरैना में 440 मेगावॉट की प्रदेश की पहली सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना विकसित की जा रही है। इसकी खासियत यह है कि 2.70 रुपये प्रति यूनिट की दर से सूर्यास्त के बाद भी संग्रहित ऊर्जा के जरिए बिजली उपलब्ध कराई जा सकेगी।

ग्रीन एनर्जी में एमपी का दबदबा मध्य प्रदेश की कुल विद्युत क्षमता में अब 30 प्रतिशत योगदान क्लीन एनर्जी का हो चुका है। राज्य अब तक 12,018 मेगावॉट से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित कर चुका है। रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर पार्क और ओंकारेश्वर फ्लोटिंग प्रोजेक्ट के बाद नीमच और शाजापुर की ये मेगा परियोजनाएं प्रदेश को ग्रीन स्टेट बनाने के संकल्प को और सशक्त कर रही हैं।

भविष्य की बड़ी रणनीति सरकार नीमच, मंदसौर, रतलाम और उज्जैन को उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश के नए औद्योगिक ग्रोथ कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। गांधी सागर पंप स्टोरेज परियोजना को भी गेमचेंजर माना जा रहा है, जो ताप विद्युत (thermal power) के मुकाबले आधी लागत में बिजली उत्पादन करने में सक्षम होगी।

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