महाराष्ट्र के नासिक में स्थित प्रसिद्ध त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है। मंदिर परिसर में मौजूद ऐतिहासिक अमृतकुंड की सफाई के दौरान एक दुर्लभ दृश्य सामने आया, जिसे देखकर लोग हैरान और भावुक हैं। पानी खाली होते ही कुंड के तल में एक प्राचीन शिवलिंग प्रकट हुआ है।
ASI के संरक्षण कार्य से खुला राज भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) वर्तमान में मंदिर परिसर के संरक्षण और रखरखाव का कार्य कर रहा है। इसी प्रक्रिया के तहत अमृतकुंड का जल पूरी तरह से निकाला गया। जैसे ही कुंड खाली हुआ, उसके तल में सदियों पुराना शिवलिंग दिखाई देने लगा। सामान्य दिनों में जलस्तर अधिक होने के कारण यह शिवलिंग श्रद्धालुओं की दृष्टि से ओझल रहता है।
पेशवा कालीन है यह अमृतकुंड यह अमृतकुंड लगभग 65 फीट गहरा है और इसका निर्माण पेशवा काल में हुआ था। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस कुंड का जल अत्यंत पवित्र है और इसी से त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग का दैनिक अभिषेक और पूजा-अर्चना की जाती है। यही कारण है कि मंदिर की आस्था में इस कुंड का स्थान बहुत महत्वपूर्ण है।
सुरक्षा कारणों से प्रवेश पर पाबंदी शिवलिंग के दर्शन के बाद श्रद्धालुओं में इसे देखने की भारी उत्सुकता देखी जा रही है। हालांकि, मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और प्राचीन धरोहर की संरक्षा को देखते हुए अमृतकुंड के भीतर आम लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी है। फिलहाल, केवल नियुक्त विशेषज्ञ और सफाईकर्मी ही इस क्षेत्र में जा सकते हैं।
धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहर त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है, जो ब्रह्मगिरि पर्वत की तलहटी में बसा है। यह क्षेत्र गोदावरी नदी का उद्गम स्थल भी माना जाता है। इस मंदिर का ऐतिहासिक स्वरूप 18वीं शताब्दी में नानासाहेब पेशवा द्वारा तैयार किया गया था। अब इस प्राचीन शिवलिंग के सामने आने से मंदिर के ऐतिहासिक रहस्यों पर फिर से चर्चा शुरू हो गई है। लोग इसे एक सुखद और दिव्य अनुभव मान रहे हैं।
🚨 HUGE! Shivling DISCOVERED after many years in the historic Amrit Kund at Trimbakeshwar Temple in Nashik.
— Megh Updates 🚨™ (@MeghUpdates) June 29, 2026
ASI drained the water during conservation work, revealing it at the bottom of the 65-foot-deep reservoir.
Water from this Peshwa-era kund is used for puja-abhishek. pic.twitter.com/w1UYtsMnMS
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