मानवता शर्मसार: लावारिस शव को कचरा ढोने वाली गाड़ी में ले जाने पर मचा बवाल
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महाराष्ट्र के जलगांव जिले के अमलनेर से एक बेहद हृदयविदारक और शर्मनाक घटना सामने आई है। शहर की नगर परिषद की संवेदनहीनता के कारण एक लावारिस शव को सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार के लिए ले जाने के बजाय कचरा ढोने वाली घंटागाड़ी में लादकर ले जाया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

घटना की पृष्ठभूमि बीते 23 जून को अमलनेर के कब्रिस्तान रोड इलाके में एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ था। पुलिस ने मामला दर्ज कर पोस्टमार्टम कराया। 25 जून तक मृतक की पहचान की तमाम कोशिशें नाकाम रहीं, जिसके बाद कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा कर नगर परिषद को शव का अंतिम संस्कार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।

नियमों की उड़ी धज्जियां सरकारी नियमों के अनुसार, लावारिस शवों को सम्मानजनक तरीके से श्मशान या कब्रिस्तान तक ले जाने के लिए संबंधित ठेकेदार को एक उचित और अलग वाहन की व्यवस्था करनी होती है। लेकिन, ठेकेदार ने नियमों को ताक पर रखते हुए मृतक के शव को उसी वाहन में डाल दिया, जिसमें दिनभर शहर का कचरा ढोया जाता है।

प्रशासन की सफाई और लीपापोती वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है। प्रशासन की ओर से पहले तो सुविधाओं के अभाव का तर्क देकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की गई। हालांकि, विवाद बढ़ता देख अमलनेर नगर परिषद के मुख्याधिकारी गणेश शिंदे ने सफाई दी है। उन्होंने स्वीकार किया कि ठेकेदार ने गंभीर चूक की है।

क्या होगी कार्रवाई? मुख्याधिकारी गणेश शिंदे ने बताया कि ठेकेदार को नोटिस जारी कर दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जांच के बाद दोषी ठेकेदार और लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

क्या मौत के बाद भी नहीं है सम्मान? यह घटना केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि समाज के प्रति संवेदनहीनता का बड़ा उदाहरण है। विकास के दावों के बीच यह सवाल उठना लाजमी है कि क्या एक इंसान को मृत्यु के पश्चात गरिमा के साथ विदाई पाने का भी अधिकार नहीं है? फिलहाल, जनता की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस मामले में वाकई सख्त कार्रवाई होगी या इसे भी महज एक फाइल बंद कर भुला दिया जाएगा।

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