मॉल में बच्चों को बॉल पिट या ट्रैम्पोलिन पर भेजने से पहले हो जाएं सावधान, लापरवाही से हो सकती है गंभीर चोट
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आजकल मॉल के इंडोर प्ले जोन बच्चों के लिए सबसे पसंदीदा जगह बन गए हैं। रंग-बिरंगी गेंदों से भरे बॉल पिट , ट्रैम्पोलिन और हवा वाले बड़े बैलून देखकर बच्चे झूम उठते हैं। लेकिन, हाल ही में अहमदाबाद के एक ट्रैम्पोलिन पार्क में हुई एक घटना ने यह साबित कर दिया है कि जो जगह सुरक्षित दिखती है, वह वास्तव में जानलेवा साबित हो सकती है।

क्यों खतरनाक हैं सॉफ्ट दिखने वाले बॉल पिट?

बॉल पिट ऊपर से मुलायम और सुरक्षित नजर आते हैं, लेकिन इनकी हकीकत अलग है। कई बार ये पिट पर्याप्त गहरे नहीं होते। अगर कोई बच्चा या बड़ा तेज गति से छलांग लगाता है, तो गद्दे या गेंदों के नीचे मौजूद सख्त सतह से शरीर का सीधा टकराव हो सकता है। अहमदाबाद की घटना में एक महिला को इसी तरह की गंभीर चोट लगी, जिसके बाद उन्हें सर्जरी करानी पड़ी। हड्डियां टूटने या लिगामेंट फटने का खतरा हमेशा बना रहता है।

1. गहराई और सतह की जांच करें

किसी भी प्ले एरिया में प्रवेश करने से पहले यह देखें कि वहां सुरक्षा के क्या इंतजाम हैं। अगर कोई चेतावनी बोर्ड नहीं लगा है या वहां कर्मचारी सतर्क नहीं हैं, तो वहां खेलना जोखिम भरा हो सकता है। सुनिश्चित करें कि गद्दों की मोटाई गिरने के झटके को सहने के लिए पर्याप्त है।

2. ऊंची छलांग लगाने के लिए प्रेरित न करें

अक्सर माता-पिता वीडियो बनाने के चक्कर में बच्चों को ऊंचे से कूदने या जोर-जबरदस्ती करने के लिए उत्साहित करते हैं। यह एक बड़ी गलती है। बच्चों को समझाएं कि वे सामान्य तरीके से उतरें और अन्य बच्चों के साथ धक्का-मुक्की बिल्कुल न करें।

3. उम्र और वजन के नियमों का पालन करें

हर ट्रैम्पोलिन या बॉल पिट सभी बच्चों के लिए नहीं होता। छोटे बच्चों को बड़े बच्चों के साथ खेलने देना सबसे बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बनता है। प्ले एरिया द्वारा निर्धारित आयु और ऊंचाई के नियमों को गंभीरता से लें।

4. बच्चों को अकेला न छोड़ें

कई अभिभावक बच्चों को प्ले जोन में छोड़कर शॉपिंग करने चले जाते हैं। यह लापरवाही भारी पड़ सकती है। अगर कोई हादसा होता है, तो तुरंत मदद न मिलने से चोट गंभीर हो सकती है। खेलते समय बच्चों पर अपनी सीधी नजर रखें।

5. चोट को मामूली समझकर अनदेखा न करें

अगर बच्चा कूदने के बाद दर्द, सूजन या चलने में दिक्कत की शिकायत करे, तो उसे सामान्य न समझें। कई बार फ्रैक्चर या लिगामेंट की अंदरूनी चोटें बाहर से दिखाई नहीं देतीं। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं।

निष्कर्ष: मनोरंजन का मतलब सुरक्षा से समझौता नहीं है। अगली बार मॉल जाएं, तो सिर्फ मनोरंजन की चिंता न करें, बल्कि यह सुनिश्चित करें कि आपका बच्चा एक सुरक्षित वातावरण में खेल रहा है। जागरूकता ही बचाव का एकमात्र रास्ता है।

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