बेंगलुरु को कभी भारत की गार्डन सिटी कहा जाता था, लेकिन अब यह शहर अपनी पहचान खोता नजर आ रहा है। बायोकॉन की फाउंडर किरण मजूमदार-शॉ ने शहर की मौजूदा शहरी योजना और गिरते बुनियादी ढांचे पर तीखा हमला बोला है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर एक ग्राफिक साझा करते हुए बेंगलुरु को गार्बेज सिटी करार दिया। उन्होंने कहा कि शहर की सड़कों की प्लानिंग में हरियाली और जन-सुविधाओं को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है।
किरण मजूमदार-शॉ द्वारा साझा किए गए ग्राफिक में मौजूदा एलिवेटेड रोड और बेहतर प्लानिंग वाली सड़क की तुलना की गई है।
हमने क्या बनाया वाले हिस्से में कंक्रीट के जंगलों और पेड़ों की कटाई को दिखाया गया है, जहां फुटपाथ और बुनियादी नागरिक सुविधाएं गायब हैं। इसके विपरीत, हम क्या बना सकते थे वाले मॉडल में चौड़े फुटपाथ, साइकिल ट्रैक, स्ट्रीट लाइट और हरियाली युक्त सड़क का खाका पेश किया गया है।
इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। बड़ी संख्या में नागरिकों ने प्रशासन और नेताओं को निशाने पर लिया है।
एक यूजर ने आरोप लगाया कि प्रशासन का ध्यान विकास से ज्यादा निर्माण कार्यों में मिलने वाले कमीशन पर है। लोगों का तर्क है कि सीमेंट और लोहे के ठेकों में मुनाफा होता है, इसलिए पेड़ों और सस्टेनेबल प्लानिंग को प्राथमिकता नहीं दी जाती।
शहर की बदहाली पर चिंता जताते हुए एक अन्य यूजर ने कहा कि बेंगलुरु के निवासी अंतरराष्ट्रीय स्तर का टैक्स देते हैं, लेकिन उन्हें मिलने वाली सुविधाएं अभी भी पिछड़ी हुई हैं। लोगों का मानना है कि यदि मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर का ही सही तरीके से रखरखाव किया जाए, तो शहर की स्थिति में बड़ा सुधार हो सकता है।
हालांकि, सभी उपयोगकर्ता एकमत नहीं हैं। कुछ का तर्क है कि बेंगलुरु की जनसंख्या और सड़कों की मौजूदा बनावट को देखते हुए इस तरह की आदर्श प्लानिंग को लागू करना एक बड़ी चुनौती है।
वहीं, कई लोग मानते हैं कि जब तक अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं होगी और भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लगेगी, तब तक किसी भी बेहतर योजना का सफल होना मुश्किल है। क्या बेंगलुरु अपनी गार्डन सिटी की खोई पहचान वापस पा पाएगा? यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है।
This is how we need to design & plan our roads that reflects our garden city image. Unfortunately it’s now a garbage city with shrinking greenery pic.twitter.com/EG29LPZd2j
— Kiran Mazumdar-Shaw (@kiranshaw) June 27, 2026
नवगछिया की मिट्टी उगल रही पीला सोना : पारंपरिक खेती छोड़ अब मालामाल हो रहे हैं किसान
यमुना एक्सप्रेसवे पर स्कॉर्पियो सवारों का गुंडाराज , टोल बैरिकेड तोड़कर फरार हुए हथियारबंद लोग
फीफा वर्ल्ड कप: बेल्जियम का तूफान, न्यूजीलैंड को 5-1 से रौंदकर नॉकआउट में मारी एंट्री
अभिषेक शर्मा रचेंगे इतिहास: टी20 में दिग्गजों के क्लब में एंट्री की तैयारी
क्या हार्दिक पंड्या ने कर ली गुपचुप शादी? वायरल तस्वीर में माहिका शर्मा की मांग में सिंदूर देख फैंस हैरान
गार्डन सिटी या गार्बेज सिटी ? बेंगलुरु की बदहाल प्लानिंग पर छिड़ी नई बहस
अनुशासनहीनता पड़ी भारी: विभाग पर आरोप लगाने वाले सिपाही सुनील शुक्ला बर्खास्त
39 की उम्र में भी मेसी का जादू कायम, फ्री-किक से गोल कर बनाया वर्ल्ड कप का नया इतिहास
अंधेरी के ओशिवारा में धू-धू कर जली कारें, सतर्कता से टला बड़ा हादसा
हिंद महासागर में स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स की काट: सेशेल्स के जरिए चीन को घेरने की भारत की मास्टर-प्लानिंग