फिर दहला होर्मुज: ईरान ने बहरीन पर दागे मिसाइल-ड्रोन, अमेरिका ने ओमान के पास खोला नया समुद्री मोर्चा
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फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। शनिवार को ईरान ने बहरीन पर ड्रोन हमला किया, जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक वाणिज्यिक जहाज को निशाना बनाया गया। यह हिंसा ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए अंतरिम समझौते पर बातचीत चल रही थी।

अमेरिका-ईरान के बीच टिट फॉर टैट शुक्रवार रात अमेरिका ने ईरान के मिसाइल ठिकानों, ड्रोन साइटों और तटीय रडार केंद्रों पर हवाई हमले किए। यह कार्रवाई गुरुवार को जलडमरूमध्य में एक जहाज पर हुए ईरानी हमले के जवाब में थी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने स्पष्ट किया कि ईरानी बलों का यह आक्रामक रवैया युद्धविराम का सीधा उल्लंघन है।

बहरीन को क्यों बनाया निशाना? ईरान ने बहरीन पर हमला कर एक कड़ा संदेश देने की कोशिश की है। बहरीन न केवल ईरान का मुखर आलोचक है, बल्कि वहां अमेरिकी नौसेना का 5वां बेड़ा तैनात है। हाल ही में बहरीन में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की मौजूदगी में खाड़ी देशों के साथ बैठक हुई थी, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने की मांग की गई थी।

ओमान के पास अमेरिका का नया समुद्री रास्ता बढ़ते तनाव के बीच, अमेरिकी नौसेना के नेतृत्व वाले बहुराष्ट्रीय संगठन ने ओमान के तट के पास एक नए समुद्री मार्ग के विस्तार की घोषणा की है। इसका उद्देश्य जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है। यह कदम ईरान के लिए एक नई चुनौती है, जो इस पूरे इलाके पर अपना एकाधिकार और नियंत्रण चाहता है।

ईरान का जिद और टोल का मुद्दा होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे व्यस्त समुद्री मार्ग है, जिससे दुनिया की 20% ऊर्जा आपूर्ति होती है। ईरान का दावा है कि इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को उसके नियमों का पालन करना होगा और वह उनसे फीस वसूलने की धमकी भी दे रहा है। ईरानी संसद के वरिष्ठ सदस्य इब्राहिम अजीजी ने दोटूक कहा है कि होर्मुज ईरान के नियंत्रण में है, इसलिए जहाजों को उसके नियमों का सम्मान करना होगा।

क्या खतरे में है शांति समझौता? अमेरिका और ईरान के बीच अभी भी यूरेनियम संवर्धन और समुद्री व्यापार जैसे गंभीर मुद्दों पर बातचीत जारी है। हालांकि, हिंसा की यह नई लहर शांति प्रयासों को पटरी से उतार सकती है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने चेतावनी दी है कि हिंसा का जवाब केवल शक्ति से ही दिया जाएगा। फिलहाल, पूरे क्षेत्र में स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है और किसी भी वक्त बड़ा संघर्ष छिड़ने की आशंका है।

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