फीफा वर्ल्ड कप 2026 से उरुग्वे की विदाई बेहद दर्दनाक रही। स्पेन के खिलाफ 1-0 की हार के साथ ही दो बार की चैंपियन टीम का सफर ग्रुप स्टेज में ही थम गया। लगातार दूसरी बार विश्व कप के पहले दौर से बाहर होने के बाद टीम के मुख्य कोच मार्सेलो बिएल्सा प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरी तरह टूट गए।
70 वर्षीय कोच बिएल्सा ने किसी भी बहाने को आड़े न लेते हुए हार की संपूर्ण जिम्मेदारी अपने ऊपर ली। उन्होंने कहा, इस घोर निराशा के लिए मैं जिम्मेदार हूं। अगर मुझसे पूछा जाए कि मेरे कार्यकाल को कैसे याद रखा जाएगा, तो मेरा जवाब होगा—मैंने पीछे कुछ भी नहीं छोड़ा। तीन साल के काम के बाद भी अगर परिणाम नहीं मिले, तो कोच का योगदान शून्य माना जाता है।
मैच का रुख तब पूरी तरह बदल गया जब दिग्गज गोलकीपर फर्नांडो मुस्लेरा से एक घातक चूक हुई। 40 वर्षीय मुस्लेरा को खुद बिएल्सा ने संन्यास से वापस बुलाकर टीम में शामिल किया था। बिएल्सा ने स्वीकार किया कि मुस्लेरा को खिलाने का फैसला उनका था, जिसका खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा।
यह पहली बार नहीं है जब बिएल्सा ने खुद की कड़ी आलोचना की हो। पिछले साल अमेरिका से मिली हार के बाद उन्होंने सार्वजनिक तौर पर खुद को टॉक्सिक (हानिकारक) बताया था। उन्होंने कहा था, मैं तनाव पैदा करने वाला व्यक्ति हूं। मेरे साथ काम करना लोगों के लिए असहज हो सकता है। मैं किसी भी चीज से संतुष्ट नहीं होता और हमेशा अत्यधिक मांग करने वाला बना रहता हूं। मेरे लिए यह काम नहीं, एक बोझिल कर्म की तरह है।
क्वालीफायर में चौथे स्थान और कोपा अमेरिका में तीसरे स्थान पर रहने वाली उरुग्वे की टीम से प्रशंसकों को बहुत उम्मीदें थीं, लेकिन विश्व कप की विदाई ने उन सभी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। बिएल्सा का यह भावुक बयान उनके करियर के सबसे कठिन दौर को दर्शाता है, जहां वे खुद को एक असफल कोच के रूप में देख रहे हैं।
❤️🩹🇺🇾 Marcelo Bielsa: “I do not leave anything to this country, I couldn’t improve the players. I am sad”. pic.twitter.com/l9n8XcIDjW
— Fabrizio Romano (@FabrizioRomano) June 27, 2026
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