वेनेजुएला में बुधवार (24 जून 2026) को आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने देश को दहला कर रख दिया है। 7.2 और 7.5 तीव्रता के इन झटकों ने पिछले 100 वर्षों की सबसे भीषण प्राकृतिक आपदा का रूप ले लिया है। इस त्रासदी में अब तक 920 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 50,000 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं।
मदद की राह ताकते लोग राजधानी काराकास और आसपास के इलाकों में तबाही का मंजर भयावह है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 3,360 लोग घायल हुए हैं और कम से कम 172 लोग अभी भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र (UN) के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में करीब 39 लाख बच्चे रहते हैं, जिन्हें तत्काल मदद की आवश्यकता है।
अपनों की तलाश में खुद उतरे लोग सरकारी राहत कार्यों की धीमी गति से नाराज स्थानीय लोग अब खुद बचाव कार्य में जुट गए हैं। लोग अपने हाथों, हथौड़ों और सामान्य मशीनों से मलबा हटाकर अपनों को ढूंढ रहे हैं। मार्जोस्ली सालाज़ार जैसे कई पीड़ित परिवारों का कहना है कि उन्होंने अब तक किसी सरकारी अधिकारी को मदद करते नहीं देखा है।
जीवित बचने की उम्मीदें कम विशेषज्ञों के अनुसार, भूकंप के बाद पहले 48 से 72 घंटे जीवन बचाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। रेस्क्यू टीम के लीडर नाडियोमार पोलांको का कहना है कि अब जीवित लोगों के मिलने की उम्मीदें काफी कम हो गई हैं। अब ज्यादातर ध्यान शवों को बाहर निकालने पर केंद्रित है। सरकार ने सुरक्षा और अव्यवस्था के चलते आम लोगों के आपदा प्रभावित इलाकों में प्रवेश पर रोक लगा दी है।
अराजकता और संसाधन का संकट तबाही के बीच देश में खाने-पीने और जरूरी दवाओं का संकट गहरा गया है। दुकानों और फूड ट्रकों के बाहर लंबी लाइनें लगी हैं। कुछ जगहों से लूटपाट की भी खबरें सामने आई हैं। लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय मदद का सिलसिला वेनेजुएला संकट की इस घड़ी में दुनिया भर से समर्थन की पेशकश मिल रही है। संयुक्त राष्ट्र की मानवीय एजेंसी (OCHA) के नेतृत्व में 17 देशों की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं। मेक्सिको, अमेरिका, स्पेन, कोलंबिया और स्विट्जरलैंड सहित कई देश सहायता भेज रहे हैं। पोप लियो XIV ने 1,00,000 यूरो की शुरुआती सहायता भेजी है।
राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज स्थिति को संभालने के लिए अंतरराष्ट्रीय नेताओं के संपर्क में हैं। हालांकि, पहले से आर्थिक संकट से जूझ रहे वेनेजुएला के लिए यह आपदा एक ऐसी चुनौती बन गई है, जिससे उबरने में उसे लंबा समय लग सकता है।
An estimated 3.9 million children live in areas affected by the powerful earthquakes that struck Venezuela on Wednesday.@UNICEF is on the ground, supporting national efforts to meet the needs of the most vulnerable children and their families.
— United Nations (@UN) June 26, 2026
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