पटना में बना एशिया का सबसे बड़ा VIP मोक्षधाम : अब 5000 रुपये में होगा हाईटेक अंतिम संस्कार
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पटना के बांस घाट पर अब अंतिम संस्कार का अनुभव पूरी तरह बदल गया है। करीब 90 करोड़ रुपये की लागत से बना यह श्मशान घाट अब देश का सबसे अत्याधुनिक और एशिया का सबसे बड़ा VIP मोक्षधाम बन चुका है। यहां अंतिम संस्कार अब केवल एक रस्म नहीं, बल्कि आधुनिक सुविधाओं से लैस एक व्यवस्थित प्रक्रिया है।

90 करोड़ की लागत से बदला बांस घाट

पहले केवल 1.24 एकड़ में फैला बांस घाट अब 4.5 एकड़ के विशाल परिसर में तब्दील हो गया है। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा विकसित इस केंद्र में आधुनिक इंजीनियरिंग और आध्यात्मिकता का अनूठा संगम है। 42 फीट ऊंचे मोक्ष द्वार और आदियोगी की तर्ज पर बनी 12 फीट ऊंची शिव प्रतिमा इस पूरे परिसर को एक दिव्य और शांत स्वरूप प्रदान करती है।

एक साथ 18 शवों के अंतिम संस्कार की क्षमता

भीड़ और इंतजार से बचने के लिए यहां बड़ी क्षमता विकसित की गई है। इस श्मशान में 4 इलेक्ट्रिक ओवन, 6 वुड क्रिमेशन (लकड़ी) ओवन और 8 पारंपरिक चिता स्थल बनाए गए हैं। इस व्यवस्था के जरिए एक साथ 18 शवों का अंतिम संस्कार किया जा सकता है, जिससे परिजनों को लंबी प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ेगी।

सुविधाओं के साथ बढ़ा खर्च

इस हाईटेक व्यवस्था का खर्च भी आम श्मशान से कहीं अधिक है। यहां अंतिम संस्कार की शुरुआती फीस 3500 रुपये रखी गई है। यदि इसमें पंडित, डोम और अन्य आवश्यक सेवाएं जोड़ दी जाएं, तो यह खर्च 5000 रुपये तक पहुंच जाता है। लकड़ी से अंतिम संस्कार करने वालों को इसके लिए अलग से भुगतान करना होगा।

ऑनलाइन बुकिंग और डिजिटल सुविधाएं

अब कतार में खड़े होने की जरूरत नहीं होगी। परिजन नगर निगम की वेबसाइट या WhatsApp चैटबॉट के जरिए अंतिम संस्कार के लिए स्लॉट बुक कर सकेंगे। यहीं से मुक्ति रथ की बुकिंग और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए भी आवेदन किया जा सकेगा। परिसर में AC वेटिंग हॉल, आधुनिक मोर्चरी और फ्रीजर की सुविधा भी दी गई है।

ईशा फाउंडेशन करेगा संचालन

इस संपूर्ण केंद्र का संचालन अब जग्गी वासुदेव के ईशा फाउंडेशन के हाथों में होगा। बिहार सरकार ने इसे और भी प्रभावी बनाने के लिए फाउंडेशन के साथ साझेदारी की है। सरकार की योजना राज्य के 40 अन्य शहरों में भी इसी तरह के अत्याधुनिक शवदाह गृह बनाने की है, ताकि पर्यावरण के अनुकूल और सम्मानजनक अंतिम संस्कार सुनिश्चित किए जा सकें।

दीवारों पर अंकित जीवन का दर्शन

श्मशान की दीवारों को केवल सजाया नहीं गया है, बल्कि उन्हें एक संदेश के साथ उकेरा गया है। यहां जन्म से मृत्यु तक की यात्रा को चित्रों के माध्यम से दिखाया गया है। साथ ही, राजा हरिश्चंद्र की कहानी और प्रेरणादायक स्लोगन लोगों को सत्य और कर्तव्य का बोध कराते हैं, जिससे पूरे वातावरण में शांति और गंभीरता का अहसास होता है।

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