भारतीय स्कूली शिक्षा में एक बड़ा बदलाव हुआ है। NCERT ने अपनी नई सोशल साइंस की किताब Understanding Society: India and Beyond में 1975-77 के आपातकाल को शामिल किया है। अब 9वीं कक्षा के छात्र भारतीय लोकतंत्र के सबसे चुनौतीपूर्ण दौर के बारे में विस्तार से पढ़ सकेंगे।
क्या होगा नया पाठ्यक्रम? नई किताब में 1975 से 1977 तक के उन 21 महीनों का जिक्र है, जब देश में नागरिक स्वतंत्रता पर कई प्रतिबंध लगे थे। इसमें प्रेस सेंसरशिप, राजनीतिक विरोध और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर पड़े प्रभाव को सरल शब्दों में समझाया गया है। छात्रों को यह बताया जाएगा कि कैसे उस समय बेरोजगारी, महंगाई और शासन के प्रति असंतोष के कारण देश में आंतरिक अशांति पैदा हुई थी।
लोकनायक की भूमिका और जन-आंदोलन किताब में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के योगदान को खास जगह दी गई है। इसमें बताया गया है कि कैसे उन्होंने युवाओं और नागरिकों को संगठित करके लोकतांत्रिक सुधारों के लिए एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया था। बिहार और गुजरात के आंदोलनों का विशेष उल्लेख किया गया है, जो उस दौर की राजनीति को बदलने में मील का पत्थर साबित हुए।
लोकतंत्र की मजबूती का सबक पाठ्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया है कि 1977 के चुनाव भारतीय लोकतंत्र की परिपक्वता का प्रमाण थे। किताब में बताया गया है कि कैसे मतदाताओं ने मतदान के जरिए शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता परिवर्तन किया और आपातकाल के बाद लोकतंत्र को फिर से मजबूती प्रदान की।
पुराने चैप्टर्स की विदाई इस बड़े बदलाव के साथ ही पाठ्यक्रम का स्वरूप भी बदल गया है। इतिहास के कुछ पुराने अध्याय हटाए गए हैं, जिनमें फ्रांसीसी क्रांति , यूरोप में समाजवाद और रूसी क्रांति , नाजीवाद और हिटलर का उदय , वन समाज और उपनिवेशवाद तथा आधुनिक विश्व में पशुपालक जैसे विषय शामिल हैं।
शिक्षा मंत्री का बयान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NCERT के इस कदम का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए आपातकाल जैसे दौर को जानना बेहद जरूरी है। उनका मानना है कि इतिहास के इन काले पन्नों को समझने से छात्र जागरूक बनेंगे, ताकि भविष्य में ऐसी स्थितियों की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।
#WATCH चंडीगढ़: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NCERT के क्लास 9 की किताब में आपातकाल पर सेक्शन शामिल करने पर कहा, यह सही है। NCERT ने सही किया है। आने वाली पीढ़ियों को आपातकाल जैसे काले कारनामों को जानना और समझना चाहिए ताकि ऐसी स्थिति दोबारा न आए इसीलिए NCERT ने इसे… pic.twitter.com/PT35cM7KGD
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 25, 2026
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