महाराष्ट्र की राजनीति में मराठी मानुष की बुलंद आवाज और हिंदुत्व का चेहरा रही शिवसेना आज अपने स्थापना के 60वें वर्ष में है। लेकिन यह ऐतिहासिक पड़ाव किसी भव्य जश्न के बजाय पार्टी के दो धड़ों में बंटे होने की कड़वी सच्चाई को बयां कर रहा है। आज एक तरफ विरासत की जंग है, तो दूसरी तरफ अस्तित्व बचाने का संघर्ष।
19 जून 1966 को बालासाहेब ठाकरे ने मराठी मानुष के हक की लड़ाई के लिए शिवसेना की नींव रखी थी। एक कार्टूनिस्ट के तौर पर अपने करियर की शुरुआत करने वाले बाला साहेब ने मार्मिक पत्रिका के जरिए स्थानीय युवाओं के रोजगार का मुद्दा उठाया। शिवाजी की सेना यानी शिवसेना का जन्म इसी आंदोलन से हुआ, जो देखते ही देखते महाराष्ट्र की सत्ता की धुरी बन गई।
80 और 90 के दशक में पार्टी ने अपनी दिशा बदली और हिंदुत्व को मुख्य एजेंडा बनाया। 1989 में मुखपत्र सामना की शुरुआत हुई और बीजेपी के साथ मिलकर पार्टी ने नई इबारत लिखी। 1995 में पहली बार महाराष्ट्र में गैर-कांग्रेसी सरकार बनी और मनोहर जोशी मुख्यमंत्री बने। अटल बिहारी वाजपेयी और नरेंद्र मोदी की सरकारों में भी शिवसेना एक अहम सहयोगी बनी रही।
2012 में बाला साहेब के निधन के बाद उद्धव ठाकरे ने पार्टी की कमान संभाली। 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी से गठबंधन टूटना और फिर कांग्रेस-एनसीपी के साथ मिलकर महा विकास अघाड़ी सरकार बनाना पार्टी के भीतर असंतोष का कारण बना। जून 2022 में एकनाथ शिंदे की बगावत ने उद्धव सरकार गिरा दी और पार्टी के दो टुकड़े कर दिए।
फरवरी 2023 में चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला सुनाते हुए शिवसेना नाम और धनुष-बाण का चुनाव चिह्न एकनाथ शिंदे गुट को सौंप दिया। उद्धव ठाकरे को शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नाम और मशाल चिह्न मिला। यह बालासाहेब की विरासत पर मालिकाना हक की पहली बड़ी हार थी।
नवंबर 2024 के परिणामों में शिंदे गुट को बड़ी सफलता मिली, जबकि उद्धव गुट महज 20 सीटों पर सिमट गया। वजूद बचाने की कोशिश में उद्धव ठाकरे ने दिसंबर 2025 में अपने चचेरे भाई राज ठाकरे (MNS) के साथ हाथ मिलाया, लेकिन दो ठाकरे भाइयों की संयुक्त ताकत भी बीएमसी चुनाव में कोई करिश्मा नहीं दिखा सकी।
आज 60 साल के सफर के बाद शिवसेना दो अलग मंचों पर अपना स्थापना दिवस मना रही है। जो पार्टी कभी महाराष्ट्र की किंगमेकर हुआ करती थी, वह आज अपनी अस्मिता और राजनीतिक भविष्य के चौराहे पर खड़ी संघर्ष कर रही है।
#WATCH | Mumbai, Maharashtra: Shiv Sena (UBT) faction is all set to celebrate the 60th party foundation day at Shanmukananda Hall in Sion.
— ANI (@ANI) June 19, 2026
Visuals show large banners erected and extensive preparations underway at the venue ahead of the main event. pic.twitter.com/WzBV6xSlCy
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