महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर तूफानी मोड़ पर है। शिवसेना (UBT) में हुई हालिया टूट के बाद अब गलियारों में चर्चा है कि भाजपा का ऑपरेशन टाइगर अब शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP-SP) के खेमे पर केंद्रित हो गया है।
अमित शाह से मुलाकात और नई अटकलें हाल ही में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और उनके बेटे पार्थ पवार ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस मुलाकात ने महाराष्ट्र के राजनीतिक तापमान को अचानक बढ़ा दिया है। जानकार इसे महज एक औपचारिक शिष्टाचार भेंट नहीं, बल्कि किसी बड़ी राजनीतिक चाल की शुरुआत मान रहे हैं।
क्या है ऑपरेशन टाइगर ? विपक्ष का आरोप है कि भाजपा सुनियोजित तरीके से विपक्षी दलों के सांसदों को तोड़ रही है। शिवसेना (UBT) के उन सांसदों को, जिन्होंने पार्टी लाइन से हटकर झुकाव दिखाया है, राज्य सरकार द्वारा Y+ सुरक्षा दी गई है। विपक्षी दल इसे ही ऑपरेशन टाइगर का नाम दे रहे हैं, जिसका मकसद विपक्ष को कमजोर करना है।
शरद पवार का खेमा कितना तैयार? शरद पवार, जिन्हें राजनीति का चाणक्य माना जाता है, इस बार पहले से सतर्क हैं। खबरों के अनुसार, NCP-SP नेतृत्व अपने सांसदों के साथ लगातार संपर्क में है। पार्टी बैठकों का दौर जारी है ताकि किसी भी तरह की दल-बदल को रोकने के लिए एकजुटता का संदेश दिया जा सके।
विपक्ष का पलटवार: ऑपरेशन टाइगर या ऑपरेशन बाजार ? NCP (SP) नेता रोहित पवार ने इस कदम पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे ऑपरेशन टाइगर कहने के बजाय ऑपरेशन बाजार करार दिया है। उनका आरोप है कि भाजपा धन और सत्ता के बल पर लोकतंत्र की मर्यादाओं को दरकिनार कर रही है, जैसा बंगाल में टीएमसी के साथ देखा गया।
क्यों महत्वपूर्ण है यह संभावित टूट? अगर शरद पवार की पार्टी में सेंध लगती है, तो इसका असर केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं रहेगा। शरद पवार विपक्ष की एकता का एक प्रमुख स्तंभ हैं। यदि उनकी पार्टी कमजोर होती है, तो यह संदेश देशभर के विपक्षी दलों के मनोबल पर चोट करेगा और 2029 के लोकसभा चुनावों में एनडीए की स्थिति को और मजबूती देगा।
फिलहाल क्या है स्थिति? आधिकारिक तौर पर किसी भी सांसद ने पाला बदलने की पुष्टि नहीं की है। भाजपा भी इस पूरे मामले पर आधिकारिक रूप से चुप्पी साधे हुए है। हालांकि, महाराष्ट्र की राजनीति में जिस गति से समीकरण बदल रहे हैं, उससे साफ है कि आने वाले दिन विपक्ष के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं। सवाल यह है कि क्या पवार अपना किला बचा पाएंगे, या इतिहास खुद को दोहराएगा?
🚨 BIG! NCP President Sunetra Pawar meets Home Minister Amit Shah.
— DEEP PAIK (@_deeppaik_) June 19, 2026
The meeting comes at a time when rebellion has shaken the TMC and Shiv Sena (UBT).
— After the rebellion in Uddhav Thackeray s camp, is the Sharad Pawar faction next...? pic.twitter.com/kSgGNQKV27
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