समुद्र में अग्निपरीक्षा : अमेरिकी हमले में ड्रग्स से भरी नाव के उड़े परखच्चे, देखें खौफनाक वीडियो
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पूर्वी प्रशांत महासागर में अमेरिकी सेना ने ड्रग तस्करी के खिलाफ एक बेहद आक्रामक और घातक कार्रवाई को अंजाम दिया है। खुफिया जानकारी के आधार पर एक संदिग्ध नाव को निशाना बनाया गया, जिसके बाद वह देखते ही देखते आग के गोले में तब्दील हो गई। इस हमले में नाव सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

क्या दिखा वायरल वीडियो में? अमेरिकी दक्षिणी कमान (US Southern Command) द्वारा जारी वीडियो में देखा जा सकता है कि समुद्र में तेज रफ्तार से बढ़ रही एक संदिग्ध नाव पर अचानक हमला होता है। देखते ही देखते नाव धमाके के साथ फट जाती है और जल समाधि ले लेती है। यह कार्रवाई लैटिन अमेरिकी ड्रग कार्टेल के खिलाफ चल रहे अमेरिकी अभियान का हिस्सा बताई जा रही है।

नार्को-टेररिस्ट बनाम पारदर्शिता का संकट ट्रंप प्रशासन इन ड्रग तस्करों को नार्को-टेररिस्ट (Narcoterrorists) करार देता है। सरकार का तर्क है कि अमेरिका में नशीले पदार्थों की लत और मौतों को रोकने के लिए यह सशस्त्र संघर्ष अनिवार्य है। हालांकि, सैन्य अधिकारी अब तक इन नावों में ड्रग्स होने का कोई ठोस सार्वजनिक सबूत पेश नहीं कर पाए हैं, जिससे इस कार्रवाई की वैधता पर सवाल उठ रहे हैं।

211 मौतों के बाद गहराया विवाद रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले साल सितंबर से शुरू हुए इस अभियान में अब तक 211 लोगों की जान जा चुकी है। इतने बड़े पैमाने पर हुई मौतों ने अमेरिकी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आलोचकों का तर्क है कि अमेरिका में फेंटेनिल (Fentanyl) जैसी घातक ड्रग्स समुद्री रास्तों के बजाय मैक्सिको के जमीनी रास्तों से अधिक आती हैं, फिर भी समुद्र में इस तरह की हिंसा क्यों की जा रही है?

सीनेट ने मांगा सच का सबूत विवाद उस समय और गहरा गया जब अमेरिकी सीनेटरों ने पेंटागन से इन हमलों की बिना कांट-छांट वाली (Unedited) वीडियो फुटेज जारी करने की मांग की। पिछले दौर के एक हमले में तो यह भी सामने आया था कि शुरुआती हमले के बाद जीवित बचे लोगों पर दोबारा हमला किया गया, जिसे व्हाइट हाउस ने आत्मरक्षा करार दिया था।

क्या यह अभियान वाकई प्रभावी है? फिलहाल, यह बड़ा सवाल बना हुआ है कि क्या केवल खुफिया इनपुट के आधार पर संदिग्धों को बिना चेतावनी खत्म करना सही है? क्या यह युद्ध जैसे हमले वास्तव में ड्रग्स की सप्लाई चेन को तोड़ने में मददगार साबित हो रहे हैं या सिर्फ एक खूनी विवाद को जन्म दे रहे हैं? इन जवाबों के लिए अब पूरे अमेरिका में पारदर्शिता की मांग उठ रही है।

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