संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के मंच पर भारत ने अपने पड़ोसी देश पाकिस्तान को अब तक की सबसे तीखी फटकार लगाई है। आतंकवाद का शिकार होने का दावा करने वाले पाकिस्तान के पाखंड की परतें उधेड़ते हुए भारत ने उसे फ्रेंकस्टीन स्टेट (Frankenstein State) करार दिया है। इस सख्त रुख ने वैश्विक कूटनीति में हलचल मचा दी है।
संयुक्त राष्ट्र में भारत की फर्स्ट सेक्रेटरी अनुपमा सिंह ने बिना किसी लाग-लपेट के पाकिस्तान की कलई खोली। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक ऐसे फ्रेंकस्टीन स्टेट का उदाहरण है, जो उस समय हैरान रह जाता है जब उसका अपना ही पाला हुआ राक्षस (आतंकवाद) उसे काटने दौड़ता है।
भारत का स्पष्ट इशारा मैरी शेली के मशहूर उपन्यास के उस राक्षस की ओर था, जिसे वैज्ञानिक ने बनाया तो था, लेकिन वह अंत में खुद उसी की बर्बादी का कारण बना। भारत ने साफ किया कि जिन आतंकी नेटवर्क को पाकिस्तान ने भारत को नुकसान पहुंचाने के लिए पाला था, अब वे खुद पाकिस्तान के गले की फांस बन गए हैं।
भारत ने UNHRC में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के उन पुराने बयानों को हथियार बनाया, जिनमें उन्होंने खुद स्वीकार किया था कि पाकिस्तान ने दशकों तक आतंकवादी संगठनों को ट्रेनिंग दी और फंडिंग की।
अनुपमा सिंह ने याद दिलाया कि कैसे पाकिस्तान ने लंबे समय तक पश्चिमी देशों के लिए गंदा काम (Dirty Work) किया। भारत का तर्क सीधा था—जो देश खुद अपने रक्षा मंत्री के माध्यम से आतंकवाद को पनाह देने की बात स्वीकार करता हो, वह दुनिया के सामने पीड़ित होने का लबादा ओढ़कर कब तक नाटक करेगा?
आतंकवाद के अलावा, भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में मानवाधिकारों के क्रूर हनन का मुद्दा उठाकर इस्लामाबाद को रक्षात्मक स्थिति में ला खड़ा किया। हाल ही में रावलकोट में महंगाई और बिजली की कीमतों के खिलाफ सड़कों पर उतरे आम लोगों पर पाकिस्तानी सेना ने गोलियां बरसाईं।
इस बर्बर कार्रवाई में 16 बेकसूर नागरिकों की मौत हुई और 40 से अधिक लोग घायल हुए। भारत ने खुलासा किया कि प्रदर्शन को दबाने के लिए इंटरनेट और संचार सेवाएं पूरी तरह ठप कर दी गई थीं। भारत ने दोटूक कहा, रोटी मांगने वालों पर गोलियां चलाना ही पाकिस्तान का असली मानवाधिकार रिकॉर्ड है।
भारत ने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। पाकिस्तान अपनी घरेलू और आर्थिक नाकामियों को छिपाने के लिए कश्मीर का प्रोपेगैंडा फैला रहा है।
अनुपमा सिंह ने इस्लामाबाद को सख्त हिदायत दी कि वह भारतीय इलाकों पर बेबुनियाद दावे करना बंद करे और अपने ढहते हुए घर को संभालने पर ध्यान दे। इस कूटनीतिक प्रहार के बाद अब पूरी दुनिया की नजरें पाकिस्तान के अगले कदम पर टिकी हैं।
*#WATCH | First Secretary at the Permanent Mission of India to the United Nations, Anupama Singh says, ...Decades of military land grabs, demographic engineering and the denial of basic freedoms have brought matters to a point where where even demand for bread, electricity,… pic.twitter.com/eTu09borhE
— DD India (@DDIndialive) June 19, 2026
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