पश्चिम एशिया में जारी लंबे सैन्य गतिरोध के बीच अमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) ने भू-राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। समझौते के बाद से ही दोनों ओर से बयानबाजी तेज हो गई है।
समझौते पर हस्ताक्षर के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को निशाने पर लिया। खामेनेई ने दावा किया कि अमेरिकी प्रशासन इस शांति समझौते के लिए बेहद बेताब था और इसे हासिल करने के लिए ट्रंप ने हर तरह के हथकंडे अपनाए।
खामेनेई ने स्पष्ट किया कि उन्होंने शुरुआत में इस समझौते का विरोध किया था। हालांकि, राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद से देश के हितों की सुरक्षा का भरोसा मिलने के बाद उन्होंने इसे मंजूरी दी।
समझौते की शर्तों को अमलीजामा पहनाते हुए अमेरिका ने ईरान पर लगाई गई सख्त नौसैनिक नाकेबंदी (Naval Blockade) को आधिकारिक रूप से हटा लिया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पुष्टि की कि अमेरिकी नौसेना ने एक दर्जन से अधिक जहाजों को ईरानी बंदरगाहों तक जाने की अनुमति दे दी है।
वेंस ने जानकारी दी कि होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है। बुधवार रात तक ही इस मार्ग से करीब 12.5 मिलियन बैरल तेल गुजर चुका है, जो युद्ध खत्म करने के समझौते की दिशा में एक बड़ा कदम है।
समुद्री डेटा फर्म लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस के अनुसार, 110 दिनों में पहली बार प्रमुख अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों ने होर्मुज जलडमरूमध्य का उपयोग शुरू किया है। ग्रिमाल्डी ग्रुप और कोस्को जैसी बड़ी कंपनियों के जहाज इस मार्ग से गुजरने लगे हैं।
हालांकि, ईरानी मीडिया का कहना है कि जलडमरूमध्य अभी भी ईरानी सेना की कड़ी निगरानी और नियंत्रण में है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि इस मार्ग से गुजरने के लिए अभी भी उनके साथ समन्वय करना अनिवार्य होगा।
समझौते को लेकर हो रही आलोचनाओं के बीच जेडी वेंस ने इजरायल को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप दुनिया के इकलौते राष्ट्र प्रमुख हैं जो इजरायल के प्रति सहानुभूति रखते हैं। वेंस ने इजरायली सरकार के आलोचकों को चेतावनी दी कि वे देश के सबसे शक्तिशाली सहयोगी (अमेरिका) पर हमला करने से बचें।
आगामी समय में वेंस स्विट्जरलैंड का दौरा कर सकते हैं, जहां वे ईरान के यूरेनियम भंडार को कम करने और तेल आपूर्ति को निर्बाध रखने के लिए आगे की रणनीतियों पर चर्चा करेंगे।
The full text of the message of Imam Sayyid Mojtaba Khamenei, the Leader of the Islamic Revolution, addressing the Iranian nation regarding the Memorandum of Understanding between the presidents of Iran and America, June 18, 2026 pic.twitter.com/9nSD2NfkVe
— Ayatollah Mojtaba Khamenei (@MKhamenei_ir) June 18, 2026
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