ग्रेटर नोएडा के ईस्टर्न पेरिफेरल हाईवे पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब आरटीओ (RTO) के डर से एक डंपर चालक ने सड़क पर ही पत्थरों का ढेर लगा दिया। इस घटना के बाद पुलिस को सड़क साफ करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी, जिस पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीखा तंज कसा है।
क्या है पूरा मामला? गाजियाबाद की ओर जा रहे पत्थरों से लदे एक डंपर को चक्रसैनपुर गांव के पास आरटीओ टीम ने रोकने का प्रयास किया। पकड़े जाने के डर से चालक ने ट्रक रोकने के बजाय उसे तेज रफ्तार में दौड़ा दिया। आरटीओ टीम द्वारा पीछा किए जाने के दौरान चालक ने डंपर का जैक उठा दिया, जिससे हाईवे पर भारी मात्रा में पत्थर गिर गए।
हाईवे पर फैला संकट सड़क पर अचानक गिरे पत्थरों के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया। कई गाड़ियों के टायर इन पत्थरों की चपेट में आकर पंचर हो गए, जिससे हाईवे पर लंबा जाम लग गया। भीषण गर्मी के बीच फंसे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बाद में दादरी पुलिस और ट्रैफिक पुलिस ने जेसीबी और फावड़ों की मदद से पत्थरों को हटवाया।
अखिलेश यादव का तीखा प्रहार सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मियों द्वारा कड़ी धूप में हाथ से पत्थर हटाते हुए वीडियो वायरल हुआ। इस वीडियो को साझा करते हुए अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने व्यंग्य करते हुए लिखा, यूपी पुलिस बेचारी क्या-क्या करे? भाजपा सरकार के लिए अवैध वसूली करे, अवैध माल लदे ट्रक का पीछा करे या सड़क साफ करे।
पुलिस की कार्यशैली पर सवाल अखिलेश यादव का यह बयान पुलिस की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाता है। घटना के बाद यह बहस फिर तेज हो गई है कि क्या पुलिस का काम सड़कों से मलबा हटाना है या फिर प्रशासनिक अव्यवस्था को रोकना। फिलहाल, इस पूरे प्रकरण ने कानून-व्यवस्था और सरकारी मशीनरी की कार्यप्रणाली को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
*यूपी पुलिस बेचारी क्या-क्या करे, भाजपा सरकार के लिए अवैध वसूली करे या अवैध माल लदे ट्रक का पीछा करे या सड़क साफ़ करे। pic.twitter.com/RrBhiiMaeP
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) June 18, 2026
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