पड़ोसी देश बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार एक बार फिर चरम पर हैं। भगवान राम का अपमान और निर्माणाधीन प्रतिमा को रोके जाने की घटनाओं ने हिंदू समुदाय को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया है। ढाका में हिंदू छात्रों ने सरकार को चुनौती देते हुए आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।
विरोध की आग दो बड़ी घटनाओं से भड़की है। पहला मामला भगवान राम की फोटो पर जूता रखने का है, जिसने करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत किया है। दूसरा मामला गाइबंधा जिले के पलाशबाड़ी का है, जहां 81 फीट ऊंची भगवान श्रीराम की निर्माणाधीन प्रतिमा को कट्टरपंथियों की भीड़ ने जबरन रुकवा दिया। हमलावरों ने न केवल निर्माण कार्य रोका, बल्कि हिंदुओं के खिलाफ भड़काऊ और अपमानजनक भाषा का भी इस्तेमाल किया।
ढाका विश्वविद्यालय के छात्रों ने इस घटना के विरोध में सरकार को दोषियों की गिरफ्तारी के लिए 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। समय सीमा समाप्त होने के बावजूद सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे छात्रों का आक्रोश और बढ़ गया। अब ढाका के शाहबाग इलाके में विशाल प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है। छात्रों का कहना है कि यह केवल एक धार्मिक विरोध नहीं, बल्कि उनके अस्तित्व और सम्मान की लड़ाई है।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संगठनों ने भविष्य को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। बांग्लादेश स्टूडेंट यूनिटी काउंसिल के संयोजक नॉवेल्टी रॉय उदय ने साफ कहा कि यदि यह नफरत और अत्याचार नहीं रुके, तो अगले 10 वर्षों में बांग्लादेश से हिंदू समुदाय पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। वहीं, अन्य अल्पसंख्यक अधिकार संगठनों ने भी कट्टरपंथियों द्वारा फैलाई जा रही नफरत पर कड़ा विरोध जताया है।
यह प्रदर्शन अब जगन्नाथ यूनिवर्सिटी से निकलकर पूरे देश के विश्वविद्यालयों में फैल चुका है। हिंदू महाजोत , बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद और नेशनल हिंदू ग्रैंड अलायंस जैसे कई संगठन इस आंदोलन में शामिल हो गए हैं। छात्र और सामाजिक संगठन अब अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हत्या, रेप, तोड़फोड़ और धार्मिक निर्माण में बाधा डालने के मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी कर रहे हैं।
ढाका प्रेस क्लब के सामने प्रस्तावित मानव श्रृंखला और बड़े प्रदर्शनों ने प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं। अब देखना यह है कि क्या बांग्लादेश सरकार इस बढ़ते जन-आक्रोश के आगे झुककर दोषियों पर कार्रवाई करती है या अल्पसंख्यकों का यह संघर्ष और उग्र रूप धारण करेगा।
🚨This little Hindu boy took to the streets of Chittagong to protest the desecration of Lord Ram and boldly chanted Jai Shri Ram right in front of the police.
— Voice Of BD Hindus 🇧🇩 (@HinduBdeshi71) June 18, 2026
He has shown a mirror to 100 cr Indian Hindus who called the insult to Ram an “internal matter” of Bangladesh Hindus.… pic.twitter.com/N8Ult52dDU
चरित्रहनन बर्दाश्त नहीं: तेज प्रताप यादव ने आकाश यादव के आरोपों पर किया पलटवार, कानूनी जंग के दिए संकेत
अमृतसर में बड़ा हथियारों का जखीरा बरामद: ड्रोन के जरिए चल रहा था सीमा पार तस्करी का खेल
कनाडा-कतर मैच बना अखाड़ा: 6-0 की ऐतिहासिक जीत के बाद मैदान पर चले लात-घूंसे
फुटबॉल का ऐसा पागलपन पहले कभी नहीं देखा! कनाडाई फैंस ने रच दिया इतिहास
नेतन्याहू का दोटूक संदेश: ईरान को कभी परमाणु शक्ति नहीं बनने दूंगा, लेबनान से नहीं हटेगी इजरायली सेना
राम मंदिर का चंदा और खर्च: आखिर कहां जाता है भक्तों का पैसा? नृपेंद्र मिश्र ने खोला राज
एंटरटेनमेंट राउंडअप: करीना की दायरा का फर्स्ट लुक, अक्षय कुमार ने टेके वैष्णो देवी में माथा
40 रुपये के बन ने कराई जेल की हवा, खुद को IPS बताने वाला ठग बेनकाब
हेलमेट पर पुलिस को सबक : बच्चे के सवाल से घबराया वर्दीवाला, वीडियो वायरल
लॉर्ड्स पर रचा जाएगा इतिहास: इंग्लैंड की कमान नैट साइवर-ब्रंट के हाथों, डेब्यू के लिए 5 नई धुरंधर तैयार