अमेरिकी इंटेलिजेंस डायरेक्टर रहीं तुलसी गबार्ड ने हाल ही में डीक्लासिफाइड फाइलों का एक बड़ा जखीरा सार्वजनिक किया है। इन दस्तावेजों ने दुनिया भर में खलबली मचा दी है। फाइलों में दावा किया गया है कि कोरोना वायरस न केवल वुहान की लैब से लीक हुआ था, बल्कि इस खतरनाक गेन-ऑफ-फंक्शन रिसर्च के लिए डॉ. एंथनी फौसी की संस्था ने अमेरिकी टैक्सपेयर्स का पैसा भी दिया था।
दस्तावेजों से पता चलता है कि डॉ. फौसी नहीं चाहते थे कि जनता को फंडिंग के बारे में पता चले। इसे छिपाने के लिए उन्होंने वैज्ञानिकों का एक चुनिंदा ग्रुप तैयार किया। इन वैज्ञानिकों ने इंटेलिजेंस एडवाइजर के तौर पर यह नैरेटिव फैलाया कि वायरस जानवरों से प्राकृतिक रूप से फैला है। डॉ. फौसी ने बाद में इन्हीं रिपोर्ट्स का हवाला देकर लैब-लीक थ्योरी को साजिश करार दिया, जिससे पूरी दुनिया गुमराह रही।
अप्रैल 2026 में, अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने डॉ. फौसी के सीनियर एडवाइजर रहे डेविड मोरेन्स पर गंभीर क्रिमिनल चार्ज लगाए। आरोप है कि मोरेन्स ने पब्लिक रिकॉर्ड कानूनों को चकमा देने के लिए निजी ईमेल का इस्तेमाल किया और वुहान लैब से जुड़े महत्वपूर्ण सरकारी रिकॉर्ड्स को जानबूझकर नष्ट कर दिया ताकि किसी भी तरह से लैब-लीक थ्योरी को दबाया जा सके।
लीक हुए दस्तावेजों में प्रोजेक्ट डिफ्यूज का जिक्र है। एक मिलिट्री मेमो के मुताबिक, यह अमेरिका द्वारा फंडेड एक योजना थी, जिसका मकसद चीन की गुफाओं में चमगादड़ों पर एक संक्रामक वैक्सीन स्प्रे करना था ताकि वायरस को इंसानों तक पहुंचने से रोका जा सके। दावा है कि यह लैब-निर्मित वायरस सुरक्षा प्रोटोकॉल में कमी के कारण 2019 के अंत में लीक हो गया था।
इन फाइलों से एक डर के माहौल का पता चलता है। इंटेलिजेंस कम्युनिटी के भीतर जो भी एनालिस्ट लैब-लीक थ्योरी का समर्थन करने की कोशिश करता, उसे करियर खत्म करने या नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती थी। सीनियर लीडरशिप ने यह सुनिश्चित किया कि नेचुरल ओरिजिन की कहानी ही आधिकारिक बनी रहे।
मई 2021 के अंत तक जब यह खबर लीक हुई कि वुहान लैब के कई कर्मचारी नवंबर 2019 में ही कोविड जैसे लक्षणों के साथ अस्पताल में भर्ती हुए थे, तो राजनीति अचानक बदल गई। फेसबुक ने रातों-रात अपनी सेंसरशिप बदली और लैब-लीक थ्योरी पर चर्चा की अनुमति दे दी। वहीं, सीनेट ने वुहान लैब से जुड़े सभी दस्तावेजों को सार्वजनिक करने का आदेश दे दिया।
ये खुलासे बताते हैं कि कैसे एक ग्लोबल स्वास्थ्य संकट को राजनीतिक हितों और डैमेज कंट्रोल के नाम पर मैनेज किया गया, जबकि दुनिया उस वक्त एक भयानक महामारी की चपेट में थी।
Today, on my final day as Director of National Intelligence, I’m releasing never-before-seen communications and documents exposing how Dr. Fauci provided millions in US taxpayer dollars to fund dangerous gain-of-function research at the Wuhan lab, worked with politicized elements… pic.twitter.com/ZMdliW4zyS
— DNI Tulsi Gabbard (@DNIGabbard) June 19, 2026
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