झारखंड के गोड्डा से भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस और पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने 19 जून, 1964 की एक पुरानी घटना का जिक्र करते हुए नेहरू के कार्यकाल को भारतीय लोकतंत्र के लिए एक काला अध्याय करार दिया है।
क्या था 1964 का विवाद? निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर विस्तार से बताया कि मार्च 1964 में उत्तर प्रदेश विधानसभा ने केशव सिंह नामक व्यक्ति को विशेषाधिकार हनन के आरोप में जेल भेज दिया था। इस फैसले के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट के दो जजों, जीडी सहगल और एनयू बेग ने सजा पर रोक लगा दी।
जब जज और विधानसभा आमने-सामने आए सांसद के अनुसार, जजों के इस फैसले से नाराज विधानसभा ने उन दोनों जजों और केशव सिंह के वकील को ही जेल भेजने का आदेश दे दिया। स्थिति इतनी विकट हो गई कि हाईकोर्ट की फुल बेंच (28 जज) को मामले में दखल देना पड़ा। इस बेंच ने न केवल सजा पर रोक लगाई, बल्कि विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री को गिरफ्तारी का नोटिस तक जारी कर दिया।
नेहरू की भूमिका पर सवाल दुबे ने दावा किया कि यह पूरी खींचतान तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के इशारे पर हो रही थी। उन्होंने कहा कि विधानसभा जजों को जेल भेजने पर आमादा थी, जिसके बाद तत्कालीन राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने संविधान के अनुच्छेद 143 के तहत सुप्रीम कोर्ट से राय मांगी। 19 जून, 1964 को मुख्य न्यायाधीश गजेन्द्र गड़कर के नेतृत्व में संवैधानिक बेंच ने इसकी सुनवाई शुरू की थी।
न्यायपालिका बनाम विधायिका निशिकांत दुबे ने बताया कि सितंबर 1964 में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया, जिसमें न्यायपालिका ने स्पीकर के अधिकारों को प्राथमिकता दी और हस्तक्षेप करने से इनकार किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी को अपने पूर्वजों के इस काले अध्याय के बारे में जानकारी कपिल सिब्बल से लेनी चाहिए।
राहुल गांधी पर लगातार निशाने यह पहला मौका नहीं है जब निशिकांत दुबे ने कांग्रेस नेतृत्व पर हमला बोला हो। वे लगातार विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस की नीतियों को सवालों के घेरे में लेते रहे हैं। इससे पहले भी उन्होंने झारखंड की राजनीति और राहुल गांधी के प्रभाव को लेकर कई विवादास्पद बयान दिए हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म रहता है।
*कांग्रेस का काला अध्याय
— Dr Nishikant Dubey (@nishikant_dubey) June 19, 2026
95. 19 जून 1964 ने नेहरु जी के नेतृत्व में भारत के संवैधानिक ढाँचे पर ऐसा काला धब्बा लगाया जिसने भूचाल ला दिया ।मार्च 1964 में उत्तर प्रदेश की विधानसभा ने केशव सिंह नामक व्यक्ति को विशेषाधिकार के तहत जेल भेजा,आनन-फ़ानन में इलाहाबाद हाईकोर्ट के दो जज जीडी… pic.twitter.com/o9fMiTkelC
अमेरिका संग संवाद को तैयार खामेनेई: बोले- बातचीत होगी, लेकिन झुकेंगे नहीं
फर्जी इंस्पेक्टर का स्टाइल पड़ा भारी: रौब झाड़ने चला था, पब्लिक ने ही कर दिया फैक्ट चेक
मुझे फांसी दे दो : 15 साल की वफादारी का खौफनाक अंत, दिल्ली में डॉक्टर ने मेड की बेरहमी से की हत्या
योगमय हुआ देहरादून: ‘रन फॉर योगा’ में दौड़ते दिखे CM धामी, उत्तराखंड को बनाएंगे ग्लोबल वेलनेस हब
ओडिशा: 1.5 करोड़ साल पुराने शार्क के दांतों ने खोला राज, कभी पानी के नीचे था बारीपदा!
झारखंड राज्यसभा चुनाव: परिमल नाथवानी की जीत और प्रणव झा की भावुक प्रतिक्रिया
तेज प्रताप यादव की मुसीबतें: घर में घुसकर बदसलूकी और लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर धमकी, दर्ज हुई FIR
एंटरटेनमेंट राउंडअप: करीना की दायरा का फर्स्ट लुक, अक्षय कुमार ने टेके वैष्णो देवी में माथा
नेतन्याहू का दोटूक संदेश: ईरान को कभी परमाणु शक्ति नहीं बनने दूंगा, लेबनान से नहीं हटेगी इजरायली सेना
कश्मीर हमारा, सिंधु संधि का दौर खत्म : UN में अनुपमा सिंह ने पाकिस्तान को आईना दिखाया