आजकल ऑटो या कैब बुक करते समय हम सबसे पहले ऐप पर दिखने वाले किराए पर भरोसा करते हैं। लेकिन क्या हो जब राइड खत्म होने पर आपसे तय राशि से ज्यादा पैसे मांगे जाएं? सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक यात्री और ऑटो ड्राइवर के बीच किराए को लेकर तीखी बहस होती दिख रही है।
क्या है वायरल वीडियो का सच? वीडियो में एक महिला ऑटो ड्राइवर से सवाल कर रही है कि बुकिंग के समय किराया 112 रुपये था, जो अब बढ़कर 142 रुपये कैसे हो गया? ड्राइवर का कहना है कि उसने अपनी तरफ से कोई छेड़छाड़ नहीं की है। उसके ऐप पर भी वही बढ़ा हुआ किराया दिख रहा है, जो यात्री के ऐप पर है। दोनों के बीच की यह खींचतान इस बात का संकेत है कि यात्री और ड्राइवर के बीच का तालमेल अब तकनीकी समस्याओं की भेंट चढ़ रहा है।
किराया बढ़ने के पीछे की असली वजह इस तरह के मामलों में अक्सर यह समझ नहीं आता कि गलती किसकी है—ऐप की या ड्राइवर की? असल में राइड ऐप्स के एल्गोरिदम दूरी, समय और ट्रैफिक के आधार पर किराया अपडेट करते रहते हैं। अगर रास्ते में ट्रैफिक मिलता है या ड्राइवर लंबा रास्ता चुनता है, तो ऐप खुद ही अंतिम किराया बदल देता है। हालांकि, कई बार ड्राइवर के रूट बदलने के कारण भी बिल बढ़ जाता है, जिसे लेकर यात्री को संदेह हो जाता है।
ड्राइवर भी पिस रहा है इस तंत्र में सच्चाई यह है कि यात्री के सामने ड्राइवर ही एकमात्र चेहरा होता है, इसलिए बहस उसी को झेलनी पड़ती है। हालांकि, अधिकांश ड्राइवरों के पास किराए को नियंत्रित करने का कोई अधिकार नहीं होता। वे भी ऐप के निर्देशों के गुलाम हैं, जिससे वे खुद भी असहज महसूस करते हैं।
इंटरनेट पर मचा बवाल वीडियो वायरल होने के बाद यूजर्स ने अपने अनुभव साझा करना शुरू कर दिए हैं। कई लोगों का कहना है कि उनके साथ भी ऐसा हो चुका है। एक यात्री ने बताया कि शिकायत करने पर कंपनी ने अतिरिक्त पैसे वापस कर दिए थे। यह घटना साफ इशारा करती है कि पारदर्शिता की कमी यात्रियों और ड्राइवरों के बीच भरोसे को खत्म कर रही है।
यात्रियों के लिए सलाह ऐसी स्थिति से बचने के लिए हमेशा बुकिंग के समय का किराया देखें और राइड खत्म होने पर उसे क्रॉस-चेक जरूर करें। यदि किराया अचानक बढ़ता है, तो बहस करने के बजाय ऐप के कस्टमर केयर पर तुरंत शिकायत दर्ज करें। याद रखें, चिल्लाने से किराया कम नहीं होगा, लेकिन डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए आपका पैसा वापस जरूर मिल सकता है।
Awareness for all commuters: Always check the fare shown at the time of booking and compare it with the final amount charged after the trip.
— ಸನಾತನ (सनातन) (@sanatan_kannada) June 18, 2026
In this case, the fare displayed on Rapido was ₹112 at booking but increased to ₹142 when the trip ended. Such discrepancies can lead to… pic.twitter.com/I1cKlk1bwT
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