संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के मंच पर भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान के दोहरे चेहरे को बेनकाब किया है। भारत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो देश आतंकवाद को अपनी नीति के तौर पर निर्यात करता है, उसे सहयोग और मित्रता की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
जम्मू-कश्मीर पर फिर से साफ किया रुख भारत ने इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) द्वारा जम्मू-कश्मीर पर की गई टिप्पणी को सिरे से खारिज कर दिया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने दो टूक शब्दों में कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है और रहेगा। भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान द्वारा द्विपक्षीय मुद्दों को बार-बार उठाने की कोशिशों की कड़ी आलोचना की।
सिंधु जल संधि को बताया अप्रचलित संयुक्त राष्ट्र में भारतीय स्थायी मिशन की प्रथम सचिव अनुपमा सिंह ने सिंधु जल संधि पर भारत का कड़ा पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि 1960 की यह संधि अब पुरानी हो चुकी है और वर्तमान वास्तविकताओं के अनुकूल नहीं है। भारत ने यह साफ कर दिया कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला देश, किसी भी तरह की सहयोग संधि के विशेषाधिकारों का दावा नहीं कर सकता।
फ्रैंकस्टीन राज्य का उदाहरण भारत ने पाकिस्तान को फ्रैंकस्टीन राज्य बताते हुए करारा हमला किया। अनुपमा सिंह ने कहा, यह वही देश है जहां के रक्षा मंत्री गर्व से आतंकवादियों को पनाह देने और प्रशिक्षण देने की बात स्वीकार करते हैं, और फिर भी पाकिस्तान खुद को आतंकवाद का शिकार बताता है। भारत ने कहा कि अपनी बनाई हुई आतंकी नीतियों का खामियाजा अब खुद पाकिस्तान भुगत रहा है।
आतंकवाद पर भारत का कड़ा फैसला गौरतलब है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को तब तक के लिए स्थगित कर दिया है, जब तक पाकिस्तान सीमा पार से आतंकवाद को पूरी तरह खत्म नहीं कर देता। भारत ने पाकिस्तान को सलाह दी कि वह दूसरों पर दावे करने के बजाय अपने आंतरिक मामलों और चुनौतियों को सुलझाने पर ध्यान दे।
नाटकबाजी बंद करने की नसीहत भारत ने पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय मंचों पर होने वाली मौसमी नाटकबाजी को पुराना और प्रभावहीन बताया। भारत का संदेश साफ है—जब तक पाकिस्तान पड़ोसी देशों के खिलाफ अपनी विनाशकारी नीतियों को नहीं बदलता, तब तक उसके साथ सामान्य सहयोग की उम्मीद करना तर्कहीन है।
*#WATCH | First Secretary at the Permanent Mission of India to the United Nations, Anupama Singh says, This is the country where the sitting Defense Minister boast of hosting, training and deploying terrorist estate policy and yet Pakistan calls itself a victim of terrorism,… pic.twitter.com/OrKNKUITev
— ANI (@ANI) June 18, 2026
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