अब घर बैठे होगा हर समस्या का समाधान: सीएम हेल्पलाइन 1076 बनी सुशासन का नया पावर सेंटर
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रायपुर। छत्तीसगढ़ में सुशासन की दिशा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। समस्या तुंहर, समाधान हमर के संकल्प के साथ शुरू की गई सीएम हेल्पलाइन 1076 अब प्रदेशवासियों के लिए भरोसे का सबसे बड़ा डिजिटल मंच बन गई है। इस सेवा के जरिए अब नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिल रही है।

क्या है सीएम हेल्पलाइन 1076? यह एक हाईटेक जन-शिकायत निवारण प्रणाली है जो 24/7 सक्रिय रहती है। नवा रायपुर में स्थित अत्याधुनिक कॉल सेंटर से 125 से अधिक प्रशिक्षित कर्मचारी चौबीसों घंटे नागरिकों की समस्याएं सुन रहे हैं। इससे राज्य के 42 विभाग जुड़े हैं और शिकायतों को 1195 श्रेणियों में बांटा गया है, जिससे समस्या के समाधान की दिशा तय करना आसान हो गया है।

चार-स्तरीय जवाबदेही प्रणाली हेल्पलाइन की सबसे बड़ी खूबी इसकी एस्केलेशन प्रणाली है। शिकायत दर्ज होते ही एक यूनिक टोकन नंबर मिलता है। यदि ब्लॉक स्तर (L-1) से लेकर सचिव स्तर (L-4) तक, निर्धारित समय सीमा में समाधान नहीं हुआ, तो शिकायत स्वतः उच्च अधिकारी के पास पहुंच जाती है। इससे किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश नहीं रहती।

फीडबैक से पारदर्शिता तक यह प्रणाली केवल शिकायत लेने तक सीमित नहीं है। शिकायत के समाधान के बाद नागरिक से फीडबैक लिया जाता है। इसके पांच मुख्य स्तंभ हैं: शिकायत ट्रैकिंग, समयबद्ध समाधान, नागरिक संतुष्टि, पारदर्शिता और सतत निगरानी। नागरिक टोल-फ्री नंबर 1076 के अलावा व्हाट्सएप, मोबाइल ऐप और पोर्टल के जरिए भी जुड़ सकते हैं।

मैदानी स्तर पर दिखा असर इस हेल्पलाइन का असर अब प्रदेश के जिलों में दिखने लगा है। कोरबा में बिजली वोल्टेज की समस्या मात्र एक घंटे में हल हुई, तो सरगुजा के किसान राजनाथ राजवाड़े की खाद से जुड़ी समस्या का समाधान महज 24 घंटे में हो गया। मुंगेली में वर्षों से लंबित नाली सफाई का काम भी एक कॉल के बाद तुरंत पूरा कर दिया गया।

अधिकारियों के लिए अनिवार्य प्रशिक्षण हेल्पलाइन को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए बलरामपुर और जशपुर जैसे जिलों में अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित निराकरण और तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक बैठे व्यक्ति तक पहुंच सके।

यह पहल छत्तीसगढ़ को पारदर्शी, संवेदनशील और जवाबदेह शासन की ओर ले जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का यह प्रयास स्पष्ट करता है कि अब सरकार जनता के पास है, और समाधान सिर्फ एक फोन कॉल की दूरी पर है।

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