यह हमला जायज है : मॉस्को की रिफाइनरी को निशाना बनाकर यूक्रेन ने पुतिन को दी सीधी चुनौती
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रूस और यूक्रेन के बीच जारी भीषण संघर्ष ने गुरुवार को एक बेहद खतरनाक मोड़ ले लिया है। यूक्रेन ने रूस की राजधानी मॉस्को पर अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला किया है, जिससे पूरे रूस में हड़कंप मच गया है।

हवाई अड्डे बंद, मास्को में आपातकाल इस हमले के बाद मॉस्को के सभी प्रमुख हवाई अड्डों पर उड़ानों का संचालन पूरी तरह निलंबित कर दिया गया है। रूस की नागरिक उड्डयन संस्था रोसावियात्स्य ने इस आपातकालीन स्थिति की पुष्टि करते हुए कहा कि हवाई क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है।

रुसी सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल रूसी रक्षा अधिकारियों का दावा है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने मॉस्को की सीमा के भीतर करीब 180 यूक्रेनी ड्रोनों को मार गिराया है। हालांकि, इतनी बड़ी संख्या में ड्रोनों का राजधानी के इतने करीब पहुंच जाना रूस की सुरक्षा व्यवस्था और उसके वायु रक्षा तंत्र की क्षमताओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

जेलेंस्की ने ली हमले की जिम्मेदारी यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए इसे बिल्कुल जायज करार दिया है। जेलेंस्की ने कहा, यह हमला कोई सामान्य सैन्य कार्रवाई नहीं है। हमने इस सप्ताह दूसरी बार मॉस्को की एक बड़ी तेल रिफाइनरी को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों में रिफाइनरी से उठते काले धुएं के गुबार हमले की भयावहता को बयां कर रहे हैं। जेलेंस्की ने जोर देकर कहा कि यह कार्रवाई यूक्रेन के निर्दोष नागरिकों पर हो रहे रूसी हमलों का एक कड़ा जवाब है।

रसद और सप्लाई चेन पर प्रहार सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि यूक्रेन की रणनीति अब रूस की सैन्य मशीनरी की कमर तोड़ने की है। ऑयल रिफाइनरी और ऊर्जा केंद्रों पर हमले का मुख्य उद्देश्य रूस की रसद (Logistics) और सप्लाई चेन को पूरी तरह तबाह करना है, ताकि युद्ध को ईंधन देने वाली व्यवस्था को पंगु बनाया जा सके।

केवल मॉस्को ही नहीं, कई मोर्चों पर हमला यूक्रेनी राष्ट्रपति ने खुलासा किया कि उनके सैनिक केवल मॉस्को तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने रूस के रोस्तोव प्रांत और यूक्रेन के उन हिस्सों में भी रूसी सैन्य ठिकानों को बर्बाद किया है, जिन पर रूस का अवैध कब्जा है। इन चौतरफा हमलों के बाद पूरे रूस में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।

यह स्पष्ट है कि यूक्रेन अब युद्ध को सीधे रूस की मुख्य भूमि के दिल तक ले जाने की क्षमता रखता है, जिससे आने वाले दिनों में यह संघर्ष और अधिक आक्रामक होने की आशंका बढ़ गई है।

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