वर्साय में ट्रंप का ऐतिहासिक समझौता या अमेरिका का आत्मसमर्पण ? ईरान डील पर छिड़ी नई बहस
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इतिहास एक अजीब चक्र है। ठीक 107 साल पहले, 28 जून 1919 को फ्रांस के वर्साय पैलेस में प्रथम विश्व युद्ध की समाप्ति पर एक संधि हुई थी, जिसने अमेरिका को वैश्विक महाशक्ति बनाने की नींव रखी थी। आज उसी ऐतिहासिक स्थान पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ 14 बिंदुओं वाले समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। मगर सवाल यह है कि क्या यह शांति की ओर कदम है, या अमेरिका की वैश्विक साख पर बड़ा धब्बा?

क्या वर्साय में ट्रंप ने सरेंडर किया? समझौते के बाद ट्रंप का बयान था, यह आसान नहीं था। लेकिन आलोचक इसे कूटनीतिक जीत नहीं, बल्कि आत्मसमर्पण मान रहे हैं। अमेरिकी इतिहासकार केविन क्रूस ने सीधे शब्दों में पूछा है कि क्या यह वर्साय में बिना शर्त आत्मसमर्पण था? विशेषज्ञों का मानना है कि जिस तरह से ईरान ने अपनी शर्तें मनवाई हैं, वह अमेरिका जैसी महाशक्ति के लिए एक शर्मनाक मोड़ जैसा दिख रहा है।

ईरान ने कैसे पलट दी बाजी? फरवरी में जब सैन्य अभियान शुरू हुआ था, तब ट्रंप का दावा था कि वे ईरान की मिसाइलें खत्म कर देंगे, सत्ता परिवर्तन करेंगे और उसकी नेवी को नेस्तनाबूद कर देंगे। लेकिन हकीकत इसके उलट रही। ईरान न केवल डटा रहा, बल्कि उसने अपनी पूरी शर्तें मनवा लीं:

इजरायल और यहूदियों के लिए बढ़ता खतरा इस डील से सबसे ज्यादा खफा इजरायल है। द टाइम्स ऑफ इजराइल के संपादक डेविड होरोविट्ज ने इसे विश्वासघात करार दिया है। ऐतिहासिक रूप से, प्रथम विश्व युद्ध के बाद जर्मनी पर थोपी गई वर्साय की संधि ने जो असंतोष पैदा किया था, वही आगे चलकर द्वितीय विश्व युद्ध और यहूदियों के नरसंहार (होलोकास्ट) का कारण बना। आलोचकों को डर है कि कहीं यह नया समझौता भी भविष्य में इजरायल के लिए वैसे ही अस्तित्ववादी खतरे खड़ा न कर दे।

क्या यह स्थायी शांति है या सिर्फ एक लंबा विश्राम? ट्रंप के समर्थकों का तर्क है कि इस डील ने पश्चिम एशिया में फैलते हुए एक बड़े विनाशकारी युद्ध को रोक दिया है। उनके लिए यह रक्तपात को टालने की एक बड़ी कूटनीतिक जीत है। वहीं, रणनीतिकारों का मानना है कि अमेरिका ने अपनी ताकत और दबदबा गंवा दिया है।

100 साल पहले वर्साय ने अमेरिका को सुपर पावर बनाया था, लेकिन आज उसी जगह पर हुए इस समझौते ने वैश्विक परिदृश्य में अमेरिका की छवि को एक ऐसे देश के रूप में बदल दिया है जो अपनी शर्तों से समझौता कर रहा है। यह समझौता शांति लाएगा या किसी बड़े धमाके की तैयारी है? यह आने वाला समय ही बताएगा।

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