G7 समिट से सबसे बड़ी खबर: PM मोदी के लिए ट्रम्प की खुली गारंटी ने सबको चौंकाया!
News Image

वैश्विक कूटनीति के मंच पर इस समय भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रभाव साफ तौर पर देखा जा सकता है। फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित 52वें G7 समिट के दौरान जो कुछ हुआ, उसने दुनिया भर के रणनीतिकारों और वैश्विक नेताओं को चौंका दिया है।

ट्रम्प की ‘खुली गारंटी’: मोदी हैं तो सुरक्षा निश्चित

G7 समिट के इतर, पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच 18 मिनट की बेहद गोपनीय बातचीत हुई। इस मुलाकात के बाद ट्रम्प ने एक ऐसा बयान दिया जिसने भू-राजनीति (Geopolitics) में खलबली मचा दी है।

ट्रम्प ने भारत की सुरक्षा को लेकर खुला वादा करते हुए कहा, जब तक भारत में मोदी लीडर हैं, अगर वहां कोई हमला होता है तो अमेरिका पूरी ताकत से भारत की रक्षा के लिए साथ खड़ा होगा। ट्रम्प ने इसके साथ ही एक बड़ी शर्त भी जोड़ी: अगर मोदी के अलावा कोई और नेता भारत की कमान संभाल रहा होगा, तो मुझे अमेरिकी मदद भेजने से पहले दस बार सोचना पड़ेगा।

मैं मोदी की तरह शांत नहीं...

मीडिया के सामने ट्रम्प ने पीएम मोदी के व्यक्तित्व की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि जब तक वह अमेरिका के राष्ट्रपति हैं, व्हाइट हाउस में पीएम मोदी का एक सबसे मजबूत और सच्चा दोस्त मौजूद रहेगा। ट्रम्प ने स्वीकार किया, मोदी एक बेहद शांत और जबरदस्त नेता हैं, लेकिन मैं मोदी की तरह शांत नहीं हूं। यह बयान दोनों नेताओं के बीच की गहरी व्यक्तिगत केमिस्ट्री को दर्शाता है।

होर्मुज स्ट्रेट का खूनी सच और मोदी की चुनौती

इस राजनयिक चमक-दमक के बीच, पीएम मोदी ने एक बेहद गंभीर मुद्दा उठाया। होर्मुज स्ट्रेट में ईरान-अमेरिका तनाव के कारण अब तक 46 जहाजों पर हमले हुए हैं, जिसमें 6 बेकसूर भारतीय नाविकों की जान चली गई है।

प्रधानमंत्री ने G7 मंच पर स्पष्ट शब्दों में कहा कि वैश्विक व्यापार की धड़कन माने जाने वाले इन जहाजों पर काम करने वाले नाविकों की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली किसी भी संभावित डील में भारतीयों की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित होनी चाहिए।

पेरिस में स्वागत और विवाटेक 2026 का महामंच

स्लोवाकिया में प्रतिष्ठित द ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस सम्मान प्राप्त करने के बाद, पीएम मोदी अपनी यूरोप यात्रा के अंतिम पड़ाव पेरिस पहुंचे। यहां आधी रात को भी सैकड़ों भारतीय अपनी संस्कृति और तिरंगे के साथ उनके स्वागत के लिए मौजूद थे।

आज पीएम मोदी यूरोप के सबसे बड़े टेक फेयर विवाटेक 2026 में हिस्सा लेंगे, जहाँ वह फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ मुख्य अतिथि होंगे। यहाँ स्थापित इंडिया पैवेलियन पूरी दुनिया को भारत की डिजिटल शक्ति और स्टार्टअप इकोसिस्टम की ताकत दिखाएगा।

बढ़ता हुआ वैश्विक कद

G7 समिट के दौरान पीएम मोदी की मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प, ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर, यूक्रैन के राष्ट्रपति जेलेंस्की और अन्य दिग्गज नेताओं से हुई। इन वार्ताओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आज के दौर में भारत न केवल एक सहभागी है, बल्कि वैश्विक फैसलों को प्रभावित करने वाली एक मुख्य शक्ति बन चुका है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

G7 समिट: पीएम मोदी और जेलेंस्की की मुलाकात, युद्ध के साये में आर्थिक रिश्तों को नई गति देने पर चर्चा

Story 1

टी20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया को बड़ा झटका, स्टार खिलाड़ी स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर

Story 1

या तो सपने देखने नहीं दिए, या तोड़ दिए : कोटा में राहुल गांधी का सरकार पर बड़ा हमला

Story 1

वर्साय में ट्रंप का ऐतिहासिक समझौता या अमेरिका का आत्मसमर्पण ? ईरान डील पर छिड़ी नई बहस

Story 1

इस्लामाबाद का टेरर कॉल सेंटर : पुलिसकर्मी की हत्या पर 3 लाख का इनाम, भारत में बड़ी साजिश का पर्दाफाश

Story 1

होर्मुज खुला, $300 अरब का फंड और परमाणु हथियारों पर बैन! US-ईरान डील का पूरा मसौदा

Story 1

नैनीताल: खुशियां मातम में बदलीं, खाई में गिरी मेरठ के पर्यटकों की टेंपो ट्रैवलर; 2 की मौत, 25 घायल

Story 1

दिल्ली में शिवसेना (UBT) की इमरजेंसी बैठक: क्या टूट जाएगी उद्धव की बची-खुची ताकत?

Story 1

फीफा वर्ल्ड कप 2026: क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने रचा इतिहास, पहले ही मैच में तोड़ा बड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड

Story 1

G-7 का बड़ा कबूलनामा: दुनिया को चलाने के लिए भारत का साथ जरूरी