ईरान के लिए नरम हुए ट्रंप: मिसाइल रखने के अधिकार से लेकर नई डील तक, क्या है अमेरिका का नया दांव?
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कुछ समय पहले तक डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर बिना शर्त आत्मसमर्पण का दबाव बना रहे थे। लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल गई है। ट्रंप का हालिया रुख न केवल हैरान करने वाला है, बल्कि यह मध्य-पूर्व की भू-राजनीति को नई दिशा देने वाला है।

मिसाइलों पर ट्रंप का बदला नजरिया ट्रंप ने हाल ही में बड़ा बयान देते हुए कहा कि अगर सऊदी अरब, कतर और अन्य देशों के पास बैलिस्टिक मिसाइलें हो सकती हैं, तो ईरान को इससे वंचित रखना अन्याय होगा।

उनका तर्क है कि बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु हथियार दो अलग चीजें हैं। ट्रंप के अनुसार, असली खतरा परमाणु हथियार हैं, न कि सामान्य मिसाइलें। यह बयान उस इजराइली और अमेरिकी नैरेटिव से बिल्कुल उलट है, जिसमें ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया गया था।

अमेरिका-ईरान के बीच ऐतिहासिक समझौता मिसाइलों पर नरम रुख के साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच एक औपचारिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। फ्रांस के वर्सेल्स में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की मौजूदगी में ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने डिजिटल माध्यम से इस डील को अंतिम रूप दिया।

इस समझौते के तहत ईरान को अपने फ्रीज किए गए फंड वापस मिल सकते हैं और तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों में बड़ी ढील दी जा सकती है।

क्या है इस डील का मकसद? अमेरिकी गलियारों में इस डील की मिली-जुली प्रतिक्रिया है। रिपब्लिकन सीनेटर एरिक श्मिट ने इसे ट्रंप की कूटनीतिक जीत बताया है। उनका कहना है कि पहली बार ईरान ने परमाणु हथियार न बनाने का वादा किया है, जो सत्यापन (verification) पर आधारित है।

हालांकि, जानकारों का मानना है कि इस शांति समझौते के बाद ईरान को मिलने वाली आर्थिक मदद उसे लेबनान में हिज्बुल्लाह जैसी ताकतों को और अधिक मजबूती प्रदान करने में मदद कर सकती है।

ईरान का बदला हुआ रुख समझौते की शर्तें स्पष्ट संकेत दे रही हैं कि अब ईरान और अमेरिका के बीच टकराव के बजाय सहयोग की जमीन तैयार की जा रही है। तेल निर्यात की अनुमति और फंड की वापसी ईरान की डूबती अर्थव्यवस्था के लिए ऑक्सीजन का काम करेगी।

ट्रंप का यह यू-टर्न आने वाले समय में मध्य-पूर्व में नए समीकरणों को जन्म देगा। देखना यह होगा कि ईरान इस भरोसे को कितना कायम रख पाता है और क्या यह डील वाकई क्षेत्र में स्थायी शांति लाएगी।

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