पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय भूचाल आ गया जब टीएमसी के 20 लोकसभा सांसदों ने बगावत का झंडा बुलंद कर दिया। इस बगावत पर आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के अध्यक्ष और विधायक हुमायूं कबीर ने तीखा हमला बोला है।
इस्तीफा देने की खुली चुनौती हुमायूं कबीर ने बागी सांसदों को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें वाकई हिम्मत है, तो उन्हें लोकसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें बीजेपी के खिलाफ वोट देकर चुना था, इसलिए अब उन्हें अपना भविष्य जनता के जनादेश पर छोड़ देना चाहिए।
NCPI का अस्तित्व ही नहीं? बागी सांसदों ने खुद को त्रिपुरा की नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल करने का ऐलान किया है। इस पर तंज कसते हुए कबीर ने कहा कि त्रिपुरा की आम जनता तक इस पार्टी को नहीं जानती। उन्होंने इसे एक बेबुनियाद कदम करार दिया है।
जांच एजेंसियों पर संशय अभिषेक बनर्जी के खिलाफ चल रही केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर भी कबीर ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह महज एक राजनीतिक ड्रामा है या इसका कोई ठोस नतीजा निकलेगा। उन्होंने कहा कि पूरे मामले पर अभी नजर रखने की जरूरत है।
ममता को दिया ब्लैंक चेक समर्थन ममता बनर्जी के प्रति अपना रुख साफ करते हुए हुमायूं कबीर ने कहा कि वह मुख्यमंत्री के साथ खड़े हैं। उन्होंने ऐलान किया कि अगर ममता बनर्जी रेजीनगर या बशीरहाट से चुनाव लड़ती हैं, तो वह उनकी जीत सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा, अगर वह मेरा समर्थन मांगती हैं, तो मैं उनके खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारूंगा।
क्या है पूरा विवाद? गौरतलब है कि टीएमसी के 20 बागी सांसदों ने रविवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की थी। उन्होंने अपने गुट को अलग पहचान देने और त्रिपुरा की NCPI पार्टी में विलय की मांग की है। इसी घटनाक्रम के बाद बंगाल की राजनीति में नई हलचल शुरू हो गई है।
#WATCH | Kolkata: On TMC Rebel MPs row, President of Aam Janata Unnayan Party, Humayun Kabir, says, “…the MPs who were elected against the BJP in the 2024 elections…if they have the courage, then let them resign…even the common people of Tripura do not recognise NCPI… pic.twitter.com/Be7y0yCb0K
— ANI (@ANI) June 16, 2026
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