दांबुला: इंडिया ए और श्रीलंका ए के बीच हाल ही में खेला गया ट्राई सीरीज मैच खेल से ज्यादा मैदान पर हुए ड्रामे के लिए चर्चा में है। यह मुकाबला टाई पर खत्म हुआ, जिसके बाद सुपर ओवर में श्रीलंका ने बाजी मार ली। अब इस पूरे घटनाक्रम पर दिग्गज स्पिनर आर. अश्विन ने तीखी टिप्पणी की है।
अश्विन का कड़वा सच आर. अश्विन ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि श्रीलंका ने इस मैच में माइंड गेम्स का सहारा लिया। अश्विन के अनुसार, श्रीलंका ने सुपर ओवर के दौरान जानबूझकर देरी की, जिसने भारतीय खिलाड़ियों को खासा नाराज किया। उन्होंने कहा कि इन मैचों में आईपीएल जैसी तकनीक और कैमरों की कमी होती है, जिसका फायदा उठाकर श्रीलंका ने भारतीय टीम को मानसिक रूप से परेशान किया।
विवादों से भरा सुपर ओवर मैच का रोमांच तब विवाद में बदल गया जब भारत की टीम मैदान छोड़ने की तैयारी में थी, लेकिन अंपायरों ने सुपर ओवर का फैसला सुनाया। भारतीय कप्तान तिलक वर्मा की अंपायरों से तीखी बहस हुई, क्योंकि कम रोशनी के कारण अंपायर पहले सुपर ओवर के पक्ष में नहीं थे। बाद में तिलक की जिद के कारण मैच आगे बढ़ा।
नो-बॉल और खिलाड़ियों की बौखलाहट मैच के दौरान एक नो-बॉल का निर्णय भी बहस का केंद्र बना। तेज गेंदबाज अरशद खान की आखिरी गेंद को अंपायर ने नो-बॉल करार दिया, जबकि भारतीय खिलाड़ी डगआउट की ओर लौट चुके थे। उन्हें वापस मैदान पर आना पड़ा। इस दौरान युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी का श्रीलंका के एक खिलाड़ी को धक्का देना भी कैमरे में कैद हुआ, जिसके बाद कोच ऋषिकेश कानिटकर को उन्हें शांत करना पड़ा।
फाइनल की राह हुई कठिन सुपर ओवर में श्रीलंका ने 16 रन बनाए, जबकि भारतीय टीम केवल 9 रन ही जुटा सकी। अफगानिस्तान के बाद श्रीलंका से मिली इस हार ने भारत के फाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को करारा झटका दिया है। अब फैंस की नजरें मैच रेफरी प्रदीप जयप्रकाश पर टिकी हैं कि क्या इस हरकत के लिए श्रीलंका या भारतीय खिलाड़ियों पर कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई होती है या नहीं।
These games won’t have as many cameras as we are used to seeing in the IPL. The No Ball call in the super over was debatable and the way Sri Lanka delayed coming into bat in the super over really irked the India A side.
— Ashwin 🇮🇳 (@ashwinravi99) June 15, 2026
The frustration shown by the Indian team was… pic.twitter.com/AQcsksJMuC
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