अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने सोशल मीडिया पोस्ट से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छेड़ दी है। ट्रंप ने आव्रजन (इमिग्रेशन) नीतियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए थर्ड वर्ल्ड कंट्रीज (तीसरी दुनिया के देश) शब्द का इस्तेमाल किया है, जिसे लेकर दुनिया भर में नाराजगी और हैरानी जताई जा रही है।
अपने पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, दुखद यह है कि यदि आप तीसरी दुनिया के देशों से लोगों को आयात करते हैं, तो आप स्वयं तीसरी दुनिया बन जाते हैं। यदि आप विकासशील देशों से बड़े पैमाने पर लोगों को लाते हैं, तो जल्द ही आपका देश भी तीसरी दुनिया जैसा बन जाएगा। ट्रंप ने इसके साथ ही अपना पुराना चुनावी नारा मेक अमेरिका ग्रेट अगेन दोहराया।
थर्ड वर्ल्ड शब्द की उत्पत्ति शीत युद्ध (Cold War) के दौरान हुई थी। 1950 के दशक में फ्रांसीसी विद्वान अल्फ्रेड सौवी ने इसका उपयोग उन देशों के लिए किया था, जो न तो अमेरिकी खेमे (फर्स्ट वर्ल्ड) में थे और न ही सोवियत संघ के कम्युनिस्ट खेमे (सेकंड वर्ल्ड) में। इनमें मुख्य रूप से एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के नव-स्वतंत्र देश शामिल थे।
विशेषज्ञों के अनुसार, शीत युद्ध खत्म हो चुका है, इसलिए आज के दौर में इस शब्द का उपयोग पुराना, भ्रामक और अपमानजनक है। आज इसे अक्सर एक हीन भावना पैदा करने वाले शब्द के रूप में देखा जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके बजाय विकासशील देश या उभरती अर्थव्यवस्था जैसे शब्दों का उपयोग करना अधिक तार्किक और सम्मानजनक है।
इस विवाद के बीच, ट्रंप की आव्रजन नीतियों पर अमेरिकी अदालत ने भी बड़ा प्रहार किया है। न्यायाधीश जॉन मैकोनेल ने उन नीतियों को अवैध करार दिया, जिनके तहत 39 देशों के नागरिकों (जैसे अफगानिस्तान, ईरान, हैती, सोमालिया और सीरिया) के शरण, वर्क परमिट और नागरिकता आवेदनों पर रोक लगाई गई थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि जन्मस्थान के आधार पर आवेदन रोकना वैधानिक नहीं है।
भारत को वर्तमान में दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था और तकनीकी महाशक्ति के रूप में देखा जाता है। भारत ने अंतरिक्ष, डिजिटल पेमेंट्स और स्टार्टअप के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। ऐसे में, ट्रंप का यह बयान भारत जैसे देशों के लिए एक संकीर्ण सोच का परिचायक माना जा रहा है।
विश्लेषकों का कहना है कि आज के वैश्वीकरण के युग में किसी भी देश को पहली या तीसरी दुनिया में बांटना वास्तविकता से परे है। दुनिया अब विकास की साझा चुनौतियों और आपसी सहयोग के आधार पर आगे बढ़ रही है, न कि शीत युद्ध के पुराने वर्गीकरणों के आधार पर।
Sadly, if you import people from Third World Countries, you quickly become a Third World Country — And there’s not a thing you can do about it. MAKE AMERICA GREAT AGAIN! President DONALD J. TRUMP
— Commentary Donald J. Trump Truth Social Posts On X (@TrumpTruthOnX) June 15, 2026
( TS: Jun 15 2026, 9:11 AM ET )… pic.twitter.com/PO1FMp18QL
# नीट के लिए Telegram पर ताला! नकल रोकने की कोशिश या करोड़ों यूजर्स की सजा?
G7 समिट: प्रधानमंत्री मोदी का फ्रांस दौरा, वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती धमक
‘मेरे बिना इजरायल का वजूद नहीं होता’, ईरान डील पर ट्रंप ने नेतन्याहू को लताड़ा
दिल्ली-नोएडा और फरीदाबाद जाने वाले हो जाएं सावधान: आश्रम चौक पर 3 दिन का भारी ट्रैफिक अलर्ट
IND vs AFG: सीरीज पर कब्जा जमाने उतरेगा भारत, जानिए कब और कहां देख सकते हैं दूसरा वनडे
NCR में बसेंगे 4 नए नमो शहर : 5000 करोड़ का मेगा प्लान, जानें क्या है सरकार की रणनीति
80 साल के लेजेंड का फैन बना 15 साल का ये सितारा: मिलने के लिए तय किए 161 किलोमीटर
G7 समिट में ट्रंप ने थामा मोदी का हाथ, क्या है इस केमिस्ट्री के पीछे की कहानी?
किसी की बेटी के साथ ऐसी हरकत बर्दाश्त नहीं , अखिलेश यादव की बेटी के विवाद पर अनुप्रिया पटेल ने तोड़ी चुप्पी
G7 का सदस्य नहीं, फिर भी हर बार बुलावा क्यों? जानें भारत की वो ताकत जो दुनिया को मजबूर करती है