पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय हड़कंप मच गया जब टीएमसी के 20 बागी सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में अपने विलय का ऐलान कर दिया। सांसदों ने दावा किया कि उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर अलग पहचान की मांग भी की है।
लेकिन, इस पूरे मामले में एक बड़ा ट्विस्ट तब आया जब एनसीपीआई के संस्थापक और राष्ट्रीय संगठन सचिव शांतनु दे ने चौंकाने वाला बयान दिया।
सोशल मीडिया से मिली जानकारी शांतनु दे ने साफ तौर पर कहा कि उन्हें इस तथाकथित विलय की जानकारी किसी औपचारिक माध्यम से नहीं, बल्कि सोशल मीडिया और न्यूज चैनलों के जरिए मिली। उन्होंने बताया कि उन्हें कल शाम इस बारे में पता चला। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक इन सांसदों की ओर से उनसे कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई है।
क्या विलय को स्वीकार करेंगे मुखिया? हालांकि, शांतनु दे ने इस पूरे घटनाक्रम पर लचीला रुख अपनाया है। उन्होंने कहा, मेरा दल छोटा है, अगर यह बड़ा होगा तो खुशी ही होगी। लेकिन इसके लिए बातचीत होनी चाहिए। हमें संविधान और कायदे-कानूनों का पालन करते हुए आगे बढ़ना होगा। उन्होंने माना कि पार्टी अध्यक्ष शिवली गुंडू ने भी उन्हें इस बारे में अभी तक कोई फोन नहीं किया है।
एनडीए के प्रति पार्टी का रुख इस पूरे घटनाक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू एनसीपीआई का स्टैंड है। शांतनु दे ने खुलकर कहा कि उनकी पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की नीतियों का दिल से समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में भारत का ढांचा बदल रहा है और वे उनके कार्यों के प्रशंसक हैं। टीएमसी के बागी सांसदों का ऐसे दल में विलय के दावे से एनडीए खेमे में हलचल तेज हो गई है।
छोटी पार्टी, बड़े सवाल साल 2023 में पंजीकृत NCPI अभी तक राष्ट्रीय राजनीति में बहुत सक्रिय नहीं रही है। हावड़ा के संकरैल स्थित इस पार्टी का आधार अभी सीमित है। ऐसे में 20 सांसदों का एक साथ इस पार्टी में विलय का दावा कई सवाल खड़े कर रहा है।
क्या यह संवैधानिक रूप से वैध होगा या यह बंगाल की सियासत में दबाव बनाने की कोई चाल है? फिलहाल, सुरक्षा बलों की तैनाती और पार्टी नेतृत्व की ओर से होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। दिल्ली से लेकर बंगाल तक यह सियासी घटनाक्रम अब चर्चाओं के केंद्र में है।
#WATCH | North 24 Paraganas, West Bengal | 20 TMC MPs merge with Nationalist Citizens Party of India (NCPI). Shantanu Dey, founder & National Organising Secretary of NCPI, says, I got to know about this from social media and news. I welcome them to hold talks with me. Why won t… pic.twitter.com/9aX9u2tFIg
— ANI (@ANI) June 15, 2026
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