पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव और युद्ध के साए के बीच, भारत के ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक बड़ी राहत वाली खबर सामने आई है। लगभग साढ़े तीन महीने से बंद पड़े दुनिया के सबसे खतरनाक समुद्री रास्ते से गुजरकर पहला भारतीय कमर्शियल जहाज दिशा सफलतापूर्वक गुजरात के दहेज बंदरगाह पहुंच गया है।
साढ़े तीन महीने से था सन्नाटा इस साल 28 फरवरी को अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव के बाद दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण समुद्री लाइफलाइन होर्मुज जलडमरूमध्य को व्यावहारिक रूप से बंद कर दिया गया था। भारत अपनी प्राकृतिक गैस का 65 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से आयात करता है। आपूर्ति रुकने से कतर जैसे देशों ने फोर्स मेज्योर (अपरिहार्य स्थिति) लागू कर दी थी, जिससे भारत में गैस संकट गहरा गया था।
मौत के मुहाने से गुजरा 62,000 टन ईंधन 15 जून को जब LNGC दिशा ने इस संवेदनशील समुद्री मार्ग में प्रवेश किया, तो स्थिति तनावपूर्ण थी। जहाज पर 62,370 मीट्रिक टन अत्यधिक ज्वलनशील LNG लदी थी। शुक्रवार सुबह जब यह गुजरात के दहेज पोर्ट पर सुरक्षित लंगर डाल सका, तब जाकर अधिकारियों ने राहत की सांस ली। फिलहाल जहाज की गहन सुरक्षा जांच की जा रही है।
कूटनीति की पर्दे के पीछे की कहानी इस सुरक्षित वापसी के पीछे एक बड़ी कूटनीतिक जीत छिपी है। हाल ही में फ्रांस में आयोजित G7 समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात हुई थी। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में पीएम मोदी ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग की सुरक्षा का मुद्दा मजबूती से उठाया था। नतीजतन, अमेरिका-ईरान के बीच हुए एक शुरुआती युद्धविराम समझौते के तहत जहाजों को 60 दिनों के लिए सुरक्षित गुजरने की अनुमति मिली है।
भारत के लिए अब क्या है चुनौती? ईरान द्वारा दी गई 60 दिनों की यह मोहलत भारत के लिए किसी जीवनदान से कम नहीं है। हालाँकि, यह साफ नहीं है कि आगे क्या होगा। मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, भारत इस सीमित समय का उपयोग करते हुए अपनी गैस आपूर्ति की कमी को पूरा करने की पूरी कोशिश करेगा, ताकि पश्चिम एशिया का संभावित बारूद दोबारा भारत की अर्थव्यवस्था पर असर न डाल सके।
मुख्य आंकड़े:
LNG carrier Disha , first Indian vessel that crossed Hormuz after US Iran Peace Framework was announced, docks at Gujarat s Dahej Port.pic.twitter.com/CT64AzdPeh
— Sidhant Sibal (@sidhant) June 19, 2026
शिवसेना के 60 साल: दो फाड़ हुई पार्टी, स्थापना दिवस पर टकराव के साये में शक्ति प्रदर्शन
पेरिस में पीएम मोदी ने खोली नए भारत की सच्चाई, बोले- यह मेरी वजह से नहीं, बल्कि...
150 करोड़ का ऑफर, फिर भी नहीं डिगे; जानिए क्यों नासिक में नायक बने राजाभाऊ वाजे
RTO से बचने के लिए ट्रक ड्राइवर ने एक्सप्रेस-वे पर बिछाए पत्थर, फिर पुलिस ने खुद उठाए फावड़े
फुटबॉल जगत का स्टैच्यू मैन : 90 मिनट तक मूर्ति बनकर टीम को सपोर्ट करता है DR Congo का ये अनोखा फैन
लग्जरी सोसाइटी का काला सच: 1.5 करोड़ का फ्लैट, 70 लाख का वाटर बिल और नल से आता गंदा पानी
दिल्ली जाने वालों के लिए खुशखबरी: मऊ से नई एक्सप्रेस ट्रेन का सफर आज से शुरू, जानें रूट और टाइमिंग
RSS की भारतीय मुसलमानों को सलाह: पाकिस्तान नहीं, इंडोनेशिया का रास्ता अपनाएं
लद्दाख की वादियों में भारत के फोन दिखा रहे चीन का समय, वायरल वीडियो ने दी सुरक्षा को चुनौती
राहुल गांधी का परशुराम अवतार : वाराणसी में गंगा किनारे हुआ दुग्धाभिषेक, समर्थकों ने की पीएम बनाने की प्रार्थना