अभिषेक बनर्जी के घर पर 4 घंटे तक छापेमारी: बीजेपी ने कहा- कानून से ऊपर कोई नहीं
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कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस महासचिव अभिषेक बनर्जी के आवास पर शनिवार तड़के हुई छापेमारी ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल मचा दी है। शनिवार सुबह करीब 3 बजे शुरू हुई यह कार्रवाई चार घंटे से अधिक समय तक जारी रही। इस दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी मौके पर पहुंचीं।

बीजेपी का कड़ा रुख: जांच से किसी को छूट नहीं

इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी नेता लॉकेट चटर्जी ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने साफ लहजे में कहा, अगर किसी मामले में एफआईआर दर्ज है या भ्रष्टाचार के सबूत हैं, तो एजेंसियां अपना काम जरूर करेंगी। कानून सबके लिए बराबर है और किसी को भी इससे छूट नहीं मिल सकती।

यह राजनीतिक बदले की कार्रवाई नहीं

लॉकेट चटर्जी ने टीएमसी के उन आरोपों को सिरे से खारिज किया, जिसमें इस छापेमारी को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तृणमूल के कई पार्षद और पंचायत प्रतिनिधि पहले से ही विभिन्न मामलों में जांच का सामना कर रहे हैं या जेल में हैं।

चटर्जी ने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने चुनाव में अपना फैसला सुना दिया है और अब राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार का हिसाब होना तय है। उन्होंने दावा किया कि जो लोग कानून तोड़ते हैं, उन्हें अंततः जवाबदेह ठहराया ही जाएगा।

मुख्यमंत्री की भाषा पर सवाल

बीजेपी नेता ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने सार्वजनिक मंचों से अक्सर लोगों को भड़काने वाली भाषा का इस्तेमाल किया है, जो एक मुख्यमंत्री पद पर बैठे व्यक्ति को शोभा नहीं देता।

छापेमारी और टीएमसी की नाराजगी

पश्चिम मेदिनीपुर के शालबनी थाने की टीम ने कोलकाता पुलिस के सहयोग से अभिषेक बनर्जी के घर पर यह तलाशी ली। कार्रवाई सुबह 3 बजे शुरू हुई और कई घंटों तक चली। टीएमसी ने इस छापेमारी के समय और तौर-तरीकों पर कड़ी आपत्ति जताई है और इसे संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करार दिया है।

फिलहाल, इस मामले के बाद राज्य में राजनीतिक तनाव गहरा गया है। जांच एजेंसियां अब इस छापेमारी से मिले दस्तावेजों और सुरागों के आधार पर अपनी अगली रणनीति तैयार कर रही हैं।

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