अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच युद्धविराम की खबरें एक बार फिर अनिश्चितता के भंवर में फंस गई हैं। ईरानी मीडिया द्वारा संभावित शांति समझौते के दावों को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सिरे से खारिज कर दिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि ईरानी सरकारी मीडिया द्वारा जारी समझौते की शर्तें पूरी तरह भ्रामक हैं। ट्रंप ने इन दावों को फेक न्यूज करार देते हुए कहा कि इनका वास्तविक बातचीत से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने ईरानी नेतृत्व पर वार्ता प्रक्रिया को लेकर गलत सूचना फैलाने और कूटनीतिक मर्यादाओं को तोड़ने का आरोप लगाया।
ट्रंप ने एक गंभीर खुलासा करते हुए कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे भारतीय जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी, जिसे अमेरिकी सुरक्षा तंत्र ने नाकाम कर दिया। उन्होंने साफ किया कि समुद्री मार्गों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हालांकि, इस घटना की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
ट्रंप ने ईरान के व्यवहार पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि उनके साथ किसी समझौते पर पहुंचना बेहद चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने वार्ता में पारदर्शिता की भारी कमी का जिक्र किया और ईरान को कठोर लहजे में चेतावनी दी कि उसे अपने व्यवहार में बदलाव लाने की जरूरत है।
ईरानी सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित समझौते में युद्धविराम के साथ-साथ आर्थिक मुआवजे और प्रतिबंधों में ढील की शर्तें शामिल थीं। रिपोर्ट में कहा गया था कि युद्ध के दौरान हुए नुकसान की भरपाई के लिए ईरान मुआवजे की मांग कर रहा है। हालांकि, इन दावों पर किसी भी देश की ओर से कोई आधिकारिक संयुक्त दस्तावेज जारी नहीं किया गया है।
दोनों देशों के रुख में भारी अंतर दिख रहा है। जहां ट्रंप ने किसी भी समझौते को खारिज किया है, वहीं ईरान की समाचार एजेंसी IRNA ने इसे एक संवेदनशील चरण बताया है। ईरान का तर्क है कि अभी अंतिम निष्कर्ष नहीं निकला है और वे तीसरे पक्ष की गारंटी के साथ व्यावहारिक समाधान तलाश रहे हैं।
इस तनाव का असर केवल दो देशों तक सीमित नहीं है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्ग है। यदि बातचीत विफल होती है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतें सीधे तौर पर प्रभावित होंगी। इसके अलावा, हाल ही में एक जहाज पर हुए हमले में तीन भारतीय नागरिकों की मौत की घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल, दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी युद्धविराम की उम्मीदों को कमजोर कर रही है। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि क्या दोनों पक्ष फिर से बातचीत की मेज पर लौटेंगे या तनाव और गहराएगा।
BREAKING: Trump blasts leaked Iranian deal terms, saying US is dealing with very dishonorable people who better get their act together pic.twitter.com/bZSl1Txzqm
— Fox News (@FoxNews) June 12, 2026
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