डर, प्रलोभन या एजेंसी का दबाव : टीएमसी में मची खलबली पर क्या बोले शत्रुघ्न सिन्हा?
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कोलकाता/नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस (TMC) इस वक्त भारी राजनीतिक संकट से गुजर रही है। एक तरफ ममता बनर्जी के खिलाफ कोलकाता में एफआईआर दर्ज हुई है, तो दूसरी तरफ पार्टी के अंदर बागियों का एक गुट सक्रिय हो गया है। यह गुट खुद को असली टीएमसी घोषित करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की तैयारी में है।

मैं दीदी के साथ मजबूती से खड़ा हूं इस उठापटक के बीच, टीएमसी सांसद और दिग्गज अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने ममता बनर्जी के प्रति पूर्ण निष्ठा व्यक्त की है। शत्रुघ्न सिन्हा ने स्पष्ट कर दिया है कि वे किसी भी सूरत में अपनी नेता ममता बनर्जी का साथ नहीं छोड़ने वाले हैं। उन्होंने कहा, मैं इस घड़ी में मजबूती से दीदी के साथ खड़ा हूं। सुख-दुख में वे मेरी साथी रही हैं और मेरा किसी अन्य दिशा में जाने का कोई इरादा नहीं है।

बागियों पर कटाक्ष: सही समय क्या यही था? पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर निशाना साधते हुए सिन्हा ने कहा कि कुछ लोग डर, प्रलोभन या केंद्रीय एजेंसियों के दबाव में यह कदम उठा रहे होंगे। उन्होंने आगे कहा, जो लोग कल तक दीदी-दीदी करते नहीं थकते थे, वे आज मुसीबत की घड़ी में उनके खिलाफ क्यों बोल रहे हैं? उन्हें सोचना चाहिए कि क्या ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के खिलाफ शिकायत करने का यही सही समय है?

ममता बनर्जी का जनाधार अब भी मजबूत शत्रुघ्न सिन्हा ने ममता बनर्जी के राजनीतिक कद का बचाव करते हुए कहा कि हार के बावजूद पश्चिम बंगाल में उनका वोट शेयर 41 फीसदी से अधिक है। उन्होंने तर्क दिया कि इतनी बड़ी संख्या में वोट मिलना किसी भी पार्टी के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है, जो यह साबित करता है कि जनता का विश्वास अब भी उन पर बना हुआ है।

आरजी कर मामला और मुख्यमंत्री का बचाव आरजी कर मेडिकल कॉलेज और संदेशखाली की घटनाओं पर बोलते हुए सिन्हा ने कहा कि ये घटनाएं निश्चित रूप से शर्मनाक हैं। हालांकि, उन्होंने मुख्यमंत्री को सीधे जिम्मेदार ठहराने के दावों को खारिज कर दिया। उन्होंने उत्तर प्रदेश (हाथरस/उन्नाव) और उत्तराखंड की घटनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के मुख्यमंत्रियों पर उस तरह के सवाल नहीं उठाए गए जैसा ममता बनर्जी के मामले में किया जा रहा है।

भाजपा के साथ पुराने संबंधों पर सफाई हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल पर दी गई बधाई के बारे में पूछे जाने पर सिन्हा ने इसे स्पोर्ट्समैन स्पिरिट और पुरानी मित्रता करार दिया। उन्होंने कहा, मैं 30 साल भाजपा में रहा हूं और अटल जी-आडवाणी जी का सम्मान करता हूं। भाजपा में मेरे कई दोस्त हैं, लेकिन मेरे राजनीतिक रुख का इन व्यक्तिगत संबंधों से कोई लेना-देना नहीं है। ममता बनर्जी ने मुझे आसनसोल की जनता की सेवा का मौका दिया और मेरा फर्ज है कि मैं इस कठिन घड़ी में उनके साथ खड़ा रहूं।

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