राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद से सियासी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस ने चुनाव आयोग (EC) की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच चुका है।
मीनाक्षी नटराजन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि नामांकन रद्द करने का आधार फॉर्म 26 में दी गई जानकारी को बनाया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाई। नटराजन का कहना है कि उन्होंने स्पष्ट लिखा था कि उन पर कोई केस दर्ज नहीं है। एक कानूनी नोटिस को नामांकन खारिज करने का आधार बनाया गया, जिस पर कोर्ट ने अब तक कोई संज्ञान नहीं लिया है।
नटराजन ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूछा कि यदि उन्हें किसी अतिरिक्त जानकारी की आवश्यकता थी, तो आयोग ने उन्हें सूचित क्यों नहीं किया? उन्होंने कहा, मैंने नियमों के तहत सभी जानकारियां दी थीं। अगर कुछ अधूरा था, तो आयोग को बताना चाहिए था कि उसे कहाँ और कैसे दर्ज करना है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर इस कदम को सीट चोरी करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और चुनाव आयोग की मिलीभगत से मुकाबला शुरू होने से पहले ही खत्म कर दिया गया। राहुल गांधी ने तंज कसते हुए कहा कि जहां कांग्रेस उम्मीदवार को बिना सुनवाई के अयोग्य घोषित किया गया, वहीं बीजेपी समर्थित स्वतंत्र उम्मीदवार परिमल नाथवानी को नियमों का पालन न करने के बावजूद निर्वाचन आयोग ने खामियां सुधारने का मौका दिया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि देश में लोकतंत्र केवल नाम का रह गया है। पार्टी का दावा है कि नामांकन रद्द करने वाले अधिकारी का झुकाव आरएसएस की तरफ है और वे अपने वैचारिक एजेंडे पर काम कर रहे हैं। कांग्रेस ने यहां तक कहा कि संबंधित अधिकारी ने अपनी कार्रवाई के पीछे यह तर्क दिया कि उन्हें नौकरी करनी है।
मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के विचाराधीन है, इसलिए वह विस्तार से टिप्पणी नहीं करेंगी। हालांकि, इस घटना ने राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है। अब सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं।
VIDEO | Delhi: Addressing a press conference, Congress leader Meenakshi Natarajan on her Rajya Sabha nomination rejection says, Since the matter is sub-judice, under the jurisdiction of the court, and is being heard in the Supreme Court today, I will not discuss all the points… pic.twitter.com/fy9JdDG7SV
— Press Trust of India (@PTI_News) June 12, 2026
फीफा वर्ल्ड कप 2026: ओपनिंग मैच में मेक्सिको का दबदबा, रेड कार्ड और विवादों से भरा रहा मुकाबला
दीदी हमें नौकर समझती हैं : ममता बनर्जी के खिलाफ TMC के बागी सांसदों का खुला विद्रोह
IND W vs PAK W: भारत-पाकिस्तान महामुकाबले का रोमांच, घर बैठे ऐसे देखें लाइव स्ट्रीमिंग और फ्री मैच
शताब्दी एक्सप्रेस पर पथराव: RSS प्रमुख मोहन भागवत के कोच को बनाया गया निशाना, बाल-बाल बचे
अब गांव में ही होगा हर सरकारी काम: 12 जून से शुरू हो रहे ग्रामीण सेवा शिविर
बिहार: भीषण सड़क हादसे में 3 दरोगा समेत 4 पुलिसकर्मियों की मौत, ट्रेनिंग से लौटते वक्त काल बना NH-31
केन विलियमसन का क्रिकेट को अलविदा: द जेंटलमैन ने इंटरनेशनल करियर पर लगाया पूर्ण विराम
बांग्लादेश में IFS नहीं, राजनेता बने उच्चायुक्त: भारत की नई कूटनीतिक चाल के मायने
मैं वापस आऊंगा रिव्यू: विभाजन के दर्द और यादों की एक भावुक दास्तान
बंगाल में सियासी भूचाल: TMC के 19 बागी सांसदों की सूची सार्वजनिक, कीर्ति आजाद ने BJP पर लगाए गंभीर आरोप