खिचड़ी या वफादारी? पीएम मोदी की तारीफ के बाद शत्रुघ्न सिन्हा ने ममता बनर्जी के साथ खड़े रहने का लिया संकल्प
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) इन दिनों भारी राजनीतिक संकट से जूझ रही है। विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी में मची भगदड़ के बीच लगभग 20 सांसदों ने बगावत का झंडा उठा लिया है। इस सूची में काकोली घोष, यूसुफ पठान और सायोनी घोष जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

शत्रुघ्न सिन्हा ने बगावत की अटकलों पर लगाया पूर्ण विराम

इन सबके बीच, आसनसोल से TMC सांसद शत्रुघ्न सिन्हा के बागी होने की खबरें जोरों पर थीं। हालांकि, अब उन्होंने इन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है। सिन्हा ने स्पष्ट कहा है कि वह मुश्किल समय में ममता बनर्जी का साथ छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे।

दीदी ने मुश्किल वक्त में दिया था साथ

शत्रुघ्न सिन्हा ने अपनी वफादारी का कारण बताते हुए कहा कि 2019 में जब वह पटना साहिब सीट से चुनाव हार गए थे, तब केवल ममता बनर्जी ही थीं जिन्होंने उनका साथ दिया और उन्हें आसनसोल से उम्मीदवार बनाकर संसद तक पहुंचाया। उन्होंने कहा, मुश्किल घड़ी में दीदी मेरे साथ खड़ी थीं, अब उनके कठिन समय में मेरा उनके साथ खड़ा रहना कर्तव्य है।

पीएम मोदी के लिए ट्वीट से बढ़ी थी चर्चा

बागी होने की अटकलें तब तेज हुईं जब सिन्हा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके 12 साल के कार्यकाल के लिए बधाई दी। उन्होंने पीएम मोदी को मित्र और मार्गदर्शक बताया। पोस्ट में उन्होंने मोदी के साथ अपनी फोटो भी साझा की, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी थी कि क्या वह पाला बदलने की तैयारी में हैं।

झूठे दावों का खंडन

सिन्हा ने बागी सांसदों की उस लिस्ट में अपने हस्ताक्षर होने की खबरों को पूरी तरह निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि उनके नाम का इस्तेमाल गलत तरीके से किया जा रहा है। फिलहाल, शत्रुघ्न सिन्हा ने साफ कर दिया है कि तमाम राजनीतिक कयासों के बावजूद वह ममता बनर्जी के साथ डटकर खड़े हैं।

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