भारत में NEET-UG परीक्षा को लेकर मचे बवाल और बार-बार हो रहे पेपर लीक के बीच चीन की गाओकाओ (Gaokao) परीक्षा चर्चा का विषय बनी हुई है। जहां भारत का शिक्षा तंत्र प्रशासनिक विफलताओं से जूझ रहा है, वहीं चीन ने 1.29 करोड़ छात्रों के लिए दुनिया की सबसे बड़ी परीक्षा बिना किसी विवाद के संपन्न करा ली है।
चीन की इस कामयाबी के बाद भारतीय दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने भारत के शिक्षा मंत्रालय को कटघरे में खड़ा कर दिया है। उन्होंने सीधे भारत का नाम तो नहीं लिया, लेकिन लिखा, 1.3 करोड़ छात्रों ने सिर्फ दो दिनों में परीक्षा दी। इस दौरान कारखाने रुक गए, सड़कें शांत हो गईं और पूरा देश छात्रों के समर्थन में एकजुट था।
यह पोस्ट ऐसे समय में आई है जब भारत में नीट पेपर लीक के कारण लाखों छात्र सड़कों पर हैं और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की साख दांव पर लगी है।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की स्थापना पारदर्शी और पेशेवर परीक्षा प्रणाली के लिए की गई थी। लेकिन पिछले कुछ सालों में NEET, JEE समेत कई परीक्षाओं में पेपर लीक और तकनीकी खामियों ने छात्रों का भरोसा पूरी तरह तोड़ दिया है।
आरोप है कि सरकार और NTA ने कड़े कदम उठाने के बजाय मामलों को रफा-दफा करने की कोशिश की है। इससे अभिभावकों और छात्रों के मन में यह डर बैठ गया है कि क्या भविष्य में कोई भी परीक्षा निष्पक्ष हो सकेगी?
चीन ने गाओकाओ को केवल एक शैक्षणिक गतिविधि नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय प्राथमिकता माना। परीक्षा के दौरान वहां हाई-टेक सर्विलांस, साइबर मॉनिटरिंग और ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए पूरे प्रशासन को तैनात किया गया था। वहां परीक्षा का मतलब एक युद्ध जैसा माहौल होता है, जहां हर स्तर पर सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है।
इसके विपरीत, भारत में 22 लाख छात्रों की NEET परीक्षा के लिए सुरक्षा व्यवस्था बार-बार फेल साबित हो रही है। यह महज दो देशों की तुलना नहीं, बल्कि प्रशासनिक इच्छाशक्ति का अंतर है।
आज सवाल केवल पेपर लीक तक सीमित नहीं है। क्या भारत का शिक्षा मंत्रालय और NTA पिछले विवादों से कोई सबक लेने को तैयार हैं? जब तक करोड़ों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक हर परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल उठते रहेंगे।
भारत को अब एक सख्त प्रशासनिक मॉडल की जरूरत है, ताकि छात्रों को अपनी मेहनत का फल बिना किसी लीक के मिल सके। क्या आपको लगता है कि भारत भी चीन की तरह विवाद मुक्त परीक्षा करा सकता है? अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें।
China s Gaokao — the world s largest exam & India s equivalent of JEE/NEET rolled into one — was conducted smoothly for 1.3 crore students in just 2 days 🎓
— Yu Jing (@ChinaSpox_India) June 10, 2026
Factories paused. Roads quieted. The entire nation rallied for its students.
चीन की गाओकाओ — दुनिया की सबसे बड़ी परीक्षा,… pic.twitter.com/aSbpL05suN
IND vs AFG: अफगानिस्तान सीरीज से पहले टीम इंडिया को तगड़ा झटका, तीन बड़े मैच विनर बाहर
क्या 30 जून से बंद हो जाएंगे कागज के नोट? वायरल दावे की सच्चाई आई सामने
ओमान तट पर तेल टैंकर पर मिसाइल हमला, 3 भारतीय नाविक लापता; भारत ने जताई कड़ी चिंता
शंकराचार्य के खिलाफ यौन शोषण का आरोप झूठा: आशुतोष ब्रह्मचारी का सनसनीखेज कबूलनामा
वैभव सूर्यवंशी का तूफानी आगाज: अफगानिस्तान के खिलाफ 22 गेंदों में कूटे 44 रन
15 साल की उम्र, 200 का स्ट्राइक रेट: अफगानिस्तान के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी का तूफानी कहर
ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ीं, एक और राज्यसभा सांसद ने दिया इस्तीफा
भारत मंडपम में बोले पीएम मोदी: कांग्रेस के कुशासन को पछाड़, NDA ने 12 वर्षों में बदली देश की तस्वीर
वैभव सूर्यवंशी का तूफानी आगाज: अफगानिस्तान के खिलाफ 200 के स्ट्राइक रेट से बरपाया कहर
ओमान के तट पर फिर भारतीय शिप पर हमला, 24 घंटे के भीतर दूसरी बड़ी घटना से हड़कंप