लखनऊ: मलिहाबाद के ऐतिहासिक कांसमंडी किले (कसमंडी कलां) को लेकर छिड़ा विवाद अब राजनीतिक रंग लेने लगा है। अपनी पहचान और स्वाभिमान की लड़ाई लड़ रही ‘लाखन आर्मी’ ने जब इस मुद्दे को संसद तक पहुँचाने के लिए सपा सांसदों का दरवाजा खटखटाया, तो उन्हें समर्थन के बजाय निराशा हाथ लगी।
सांसदों से नहीं मिला सहयोग लाखन आर्मी चीफ सूरज पासी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल मोहनलालगंज के सांसद आरके चौधरी, अयोध्या के सांसद अवधेश पासी और कौशांबी के सांसद पुष्पेंद्र सरोज से मिलने पहुँचा था। संगठन की मांग थी कि सांसद इस ऐतिहासिक किले के मुद्दे को संसद में उठाएं। लेकिन आरोप है कि या तो सांसद मिले ही नहीं, या फिर उन्होंने स्पष्ट समर्थन देने से किनारा कर लिया।
ज्ञापन जलाकर जताया विरोध अयोध्या सांसद अवधेश पासी से मुलाकात न हो पाने पर आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन वहीं जला दिया। वहीं, सांसद अवधेश पासी ने सफाई दी कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। उन्होंने उलटफेर करते हुए भाजपा पर पासी समाज में फूट डालने का आरोप लगा दिया।
जो पूर्वजों का नाम न ले सकें, वो क्या आवाज बनेंगे? मोहनलालगंज सांसद आरके चौधरी के साथ हुई बातचीत पर सूरज पासी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, बातचीत के दौरान वे महाराजा कंस पासी का नाम तक नहीं ले सके। यदि जनप्रतिनिधि अपने पूर्वजों और समाज के मुद्दे पर खुलकर नहीं बोल सकते, तो वे हमारी आवाज क्या बनेंगे? सूरज ने स्पष्ट किया कि समाज को ऐसे उदासीन प्रतिनिधियों के बारे में गंभीरता से सोचना होगा।
जनआंदोलन की तैयारी सूरज पासी ने दो टूक शब्दों में कहा कि लाखन आर्मी किसी दल के खिलाफ नहीं, बल्कि अपने इतिहास और सम्मान के लिए लड़ रही है। उन्होंने कहा, हम रुकने या झुकने वाले नहीं हैं। यदि सदन में हमारी आवाज नहीं उठी, तो हम इसे कोर्ट ले जाएंगे और इसे एक विशाल जन-आंदोलन का रूप देंगे।
क्या है कांसमंडी विवाद? पासी समाज और विभिन्न संगठनों का दावा है कि मलिहाबाद स्थित कांसमंडी का क्षेत्र असल में 11वीं सदी के राजा कंस पासी का किला है। आरोप है कि यहां जमीन जिहाद के जरिए प्राचीन शिव मंदिर को दबाकर इस्लामीकरण की कोशिश की जा रही है। वहीं, मुस्लिम पक्ष इसे कब्रिस्तान और मजार बता रहा है। फिलहाल यह विवाद इतिहास और धार्मिक दावे के बीच उलझा हुआ है, जो अब पासी समाज के स्वाभिमान का बड़ा मुद्दा बन चुका है।
*लखनऊ, यूपी: मलिहाबाद के पासी किले को लेकर विवाद को लेकर लाखन आर्मी के पदाधिकारी सपा सांसद आर.के. चौधरी को ज्ञापन देने पहुंचे। ज्ञापन सौंपने के दौरान लाखन आर्मी के पदाधिकारियों और सांसद के बीच बहस भी हुई। pic.twitter.com/kCCNA6tZdH
— IANS Hindi (@IANSKhabar) June 1, 2026
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