CBSE डिजिटल मार्किंग टेंडर विवाद: क्या कोएम्प्ट को फायदा पहुंचाने के लिए बदले गए नियम?
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CBSE की डिजिटल मार्किंग (OSM) प्रक्रिया एक बार फिर सवालों के घेरे में है। हाल ही में सामने आए गंभीर आरोपों ने शिक्षा बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि एक विशेष कंपनी कोएम्प्ट एड्यू टेक (Coempt Edu Tech) को टेंडर दिलाने के लिए नियमों में सुनियोजित तरीके से बदलाव किए गए।

टर्नओवर और योग्यता का गणित

टेंडर प्रक्रिया में शामिल तीन कंपनियों में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और रंकगुरु टेक्नोलॉजी प्रमुख थीं। आरोप है कि कोएम्प्ट को क्वालिफाई कराने के लिए टर्नओवर की शर्त को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। कोएम्प्ट का तीन साल का औसत टर्नओवर करीब 50.86 करोड़ रुपये बैठ रहा है, जो पात्रता सीमा के बेहद करीब है। वहीं, पहले अन्य कंपनियों की 30 करोड़ की मांग को बोर्ड ने सिरे से खारिज कर दिया था।

ब्लैकलिस्ट शर्त में बदलाव का खेल

सबसे गंभीर आरोप रिकॉर्ड ऑफ पुअर परफॉर्मेंस की शर्त को लेकर है। पहले टेंडर में काम छोड़ने वाली कंपनियों पर पाबंदी थी। आरोप है कि अगस्त 2025 में तीसरी बार टेंडर निकालते समय इसमें अरलियर (earlier) शब्द जोड़ दिया गया। जानकारों का कहना है कि यह बदलाव कोएम्प्ट (पूर्व नाम ग्लोबारेना ) को बचाने के लिए किया गया, जिसे 2019 में तेलंगाना शिक्षा बोर्ड ने ब्लैकलिस्ट किया था।

मानकों में ढील और तकनीकी सवाल

CBSE पर आरोप है कि कंपनी की दक्षता मापने वाले CMMI लेवल को 5 से घटाकर 3 कर दिया गया, ताकि कोएम्प्ट मानक पूरे कर सके। इसके अलावा, डेटा सेंटर के कड़े नियमों को बदलकर क्लाउड सर्विस (AWS, Azure) के उपयोग की अनुमति दे दी गई, जिससे TCS जैसी बड़ी कंपनियों का पलड़ा कमजोर हो गया।

राजनीतिक हलचल और जांच

छात्र सार्थक सिद्धांत द्वारा उठाए गए इन सवालों को विपक्ष ने भी जोर-शोर से उठाया है। राहुल गांधी ने भी इस मामले को लेकर CBSE की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, CBSE की ओर से अभी तक इन विशिष्ट आरोपों पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

IIT विशेषज्ञों की नजर

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पहले ही स्वीकार किया है कि 40 करोड़ पन्नों की स्कैनिंग में विसंगतियां मिली हैं। इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए IIT मद्रास और IIT कानपुर के विशेषज्ञों की एक टीम मामले की जांच कर रही है। अब देखना यह होगा कि क्या यह जांच CBSE की चयन प्रक्रिया में हुई कथित धांधली की परतें खोल पाएगी।

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