साउथ चाइना सी में शक्ति प्रदर्शन: चीनी मिसाइलों के सामने डच नौसेना, तनाव चरम पर
News Image

साउथ चाइना सी के विवादित पार्सल आइलैंड्स (सिंशा द्वीप) के पास एक बार फिर महाशक्तियां आमने-सामने आ गई हैं। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने दावा किया है कि नीदरलैंड्स के एक नौसैनिक हेलीकॉप्टर ने उनके हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया है। जवाब में चीन ने घातक पीएल-10 (PL-10) मिसाइलों से लैस लड़ाकू विमानों और युद्धपोतों को तैनात कर डच जहाज को खदेड़ दिया।

विवाद की जड़: नौवहन की स्वतंत्रता या अवैध घुसपैठ? नीदरलैंड्स का आधुनिक युद्धपोत एचएनएलएमएस डी रूयटर (HNLMS De Ruyter) इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में पैसिफिक आर्चर मिशन पर तैनात है। डच रक्षा मंत्रालय का तर्क है कि वे अंतरराष्ट्रीय कानूनों (UNCLOS) के दायरे में फ्रीडम ऑफ नेविगेशन अभियान चला रहे थे। वहीं, बीजिंग इसे अपनी संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन मानकर आक्रामक रुख अपनाए हुए है।

इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर का इस्तेमाल चीन ने डच हेलीकॉप्टर को चेतावनी देने के लिए केवल मौखिक आदेश नहीं दिए, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक युद्ध (Electronic Warfare) का सहारा लिया। चीनी युद्धपोतों ने डच हेलीकॉप्टर के सेंसर्स, नेविगेशन और संचार प्रणालियों में भारी हस्तक्षेप (जैमिंग) किया, जिससे डच बलों को मजबूरन पीछे हटना पड़ा।

पीएल-10 मिसाइलों से लैस चीनी विमानों की तैनाती मामला तब और गंभीर हो गया जब चीनी वायु सेना ने इलाके में अपने लड़ाकू विमानों को तैनात कर दिया। ये विमान इन्फ्रारेड होमिंग वाली घातक पीएल-10 मिसाइलों से लैस थे। पीएल-10 चीन की सबसे आधुनिक शॉर्ट-रेंज मिसाइलों में गिनी जाती है, जो किसी भी हवाई लक्ष्य को पलक झपकते ही नष्ट करने में सक्षम है।

साउथ चाइना सी में बढ़ता डिजिटल तनाव चीन पिछले कुछ समय से साउथ चाइना सी में कृत्रिम द्वीपों पर विशाल रडार और इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रहा है। हालांकि, 2016 में हेग के परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन ने चीन के दावों को खारिज कर दिया था, लेकिन बीजिंग अपनी 10-डैश लाइन के जरिए पूरे इलाके पर कब्जा जमाए रखने की कोशिश कर रहा है।

कितना ताकतवर है डच युद्धपोत? नीदरलैंड्स का एचएनएलएमएस डी रूयटर एक शक्तिशाली एयर डिफेंस एंड कमांड फ्रिगेट है। लगभग 6,000 टन वजनी यह पोत थेल्स स्मार्ट-एल रडार और 40-सेल वर्टिकल लॉन्च मिसाइल सिस्टम से लैस है। यह आधुनिक सैन्य तकनीक के बावजूद इस घटना में चीनी घेराबंदी और इलेक्ट्रॉनिक हमलों के सामने बेबस नजर आया।

यह घटना दर्शाती है कि साउथ चाइना सी अब केवल जलक्षेत्र का विवाद नहीं, बल्कि हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक और मिसाइल शक्ति के प्रदर्शन का अखाड़ा बन चुका है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

रील नहीं रियल: थिएटर में फिल्म देख रहे थे लोग, अचानक स्क्रीन फाड़कर अंदर घुसी महिंद्रा स्कॉर्पियो!

Story 1

साउथ चाइना सी में शक्ति प्रदर्शन: चीनी मिसाइलों के सामने डच नौसेना, तनाव चरम पर

Story 1

दुनिया इजरायल के खिलाफ, लेकिन भारत में है क्रेजी लव ... नेतन्याहू ने खोल दिया दिल!

Story 1

अमेरिका: वॉशिंगटन में भीषण धमाका, केमिकल टैंक फटने से 8 की मौत, मलबे में अभी भी दबे हैं कई लोग

Story 1

पूरी दुनिया एक तरफ, भारत का प्यार एक तरफ! नेतन्याहू ने खोल दिया अपने दिल का राज

Story 1

इजरायल से दोस्ती की तो PM-आर्मी चीफ को मार देंगे , पाकिस्तान में लश्कर की खुली धमकी

Story 1

ट्रेन ड्राइवर से हॉलीवुड डायरेक्टर तक: 42 हजार में बनाई AI फिल्म, तो मिला नौकरी का ऑफर!

Story 1

दिल्ली के स्कूलों में अब मेंस्ट्रुएशन कॉर्नर : छात्राओं को मिलेंगी सभी सुविधाएं, लड़कों को भी पढ़ाया जाएगा पीरियड का पाठ

Story 1

मॉनसून का इंतजार: क्या इस साल सूखे जैसा होगा हाल? मौसम विभाग ने जारी की बड़ी चेतावनी

Story 1

क्या वैभव सूर्यवंशी आज तोड़ेंगे क्रिस गेल का 13 साल पुराना रिकॉर्ड? इतिहास रचने के मुहाने पर खड़ा है यह युवा सितारा