दिल्ली के स्कूलों में अब मेंस्ट्रुएशन कॉर्नर : छात्राओं को मिलेंगी सभी सुविधाएं, लड़कों को भी पढ़ाया जाएगा पीरियड का पाठ
News Image

विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस (Menstrual Hygiene Day) के अवसर पर दिल्ली सरकार ने स्कूली छात्राओं के लिए एक बड़ा और क्रांतिकारी कदम उठाया है। सरकार ने राज्य के हर स्कूल में छात्राओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा और स्वच्छता को सर्वोपरि रखते हुए नई सुविधाओं का जाल बिछाने का ऐलान किया है।

स्कूलों में खुलेंगे मेंस्ट्रुएशन कॉर्नर अब दिल्ली के हर सरकारी स्कूल में विशेष मेंस्ट्रुएशन कॉर्नर बनाए जाएंगे। इन कॉर्नर्स में सैनिटरी पैड्स, हाइजीन प्रोडक्ट्स और अतिरिक्त इनरवियर हमेशा उपलब्ध रहेंगे। इसके साथ ही, स्कूलों में वेंडिंग मशीनें लगाने की प्रक्रिया को भी तेज कर दिया गया है, ताकि छात्राओं को किसी भी आपात स्थिति में परेशानी का सामना न करना पड़े।

लड़कों को भी दी जाएगी शिक्षा दिल्ली सरकार इस पहल को केवल छात्राओं तक सीमित नहीं रखना चाहती। स्कूलों में अब लड़कों को भी पीरियड्स और मेंस्ट्रुअल हेल्थ के प्रति जागरूक किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य स्कूलों से पीरियड्स को लेकर जुड़ी झिझक और शर्म की भावना को पूरी तरह खत्म करना है, ताकि लड़कियों के लिए एक सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल तैयार हो सके।

टोल-फ्री हेल्पलाइन और सीधे संवाद छात्राओं और अभिभावकों की सुविधा के लिए एक नया टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाएगा। यह नंबर स्कूल की दीवारों और प्रवेश द्वार पर स्पष्ट रूप से लिखा होगा। किसी भी प्रकार की समस्या या सुझाव के लिए छात्राएं सीधे प्रशासन से संपर्क कर सकेंगी। सरकार का मानना है कि सुविधाओं के अभाव में पढ़ाई से दूरी बनाने वाली छात्राओं के लिए यह एक बड़ी राहत साबित होगा।

इन्फ्रास्ट्रक्चर और वैक्सीनेशन पर जोर केवल सैनिटरी पैड ही नहीं, बल्कि सरकार स्कूलों के पूरे इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी दुरुस्त करेगी। इसमें वॉशरूम की सफाई, आरओ वाटर कूलर की सुविधा और स्कूल भवन की मरम्मत शामिल है। साथ ही, स्कूलवार एचपीवी (HPV) वैक्सीनेशन का डेटा भी तैयार किया जाएगा, ताकि छात्राओं को समय पर टीका लग सके।

आत्मनिर्भर बेटियां, विकसित दिल्ली मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस पहल पर जोर देते हुए कहा कि स्वस्थ और आत्मनिर्भर बेटियां ही विकसित दिल्ली की असली नींव हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली सरकार की यह पहल न केवल छात्राओं के स्वास्थ्य में सुधार लाएगी, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाई देगी। यह कदम शिक्षा और महिला स्वास्थ्य की दिशा में एक ऐतिहासिक बदलाव माना जा रहा है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

38 करोड़ का ब्लड मनी और 20 साल का संघर्ष: मौत के साए से बाहर आए अब्दुल रहीम की घर वापसी

Story 1

पंजाब में ED पार्टी का हुआ सफाया: निकाय चुनाव में आप की आंधी से भाजपा पस्त

Story 1

क्या सुलझ गया लालू परिवार का झगड़ा? तेज प्रताप की एंट्री और इराज के बर्थडे ने दी गवाही

Story 1

IPL 2026: मैदान पर हाई-टेक चश्मों पर BCCI की सर्जिकल स्ट्राइक , जानें क्यों लिया गया ये सख्त फैसला

Story 1

IPL 2026: वैभव सूर्यवंशी की सफलता के पीछे का मैजिक , पिता के मंत्र और बचपन की यादों का खुलासा

Story 1

टॉयलेट में धुल रहे थे दुरंतो एक्सप्रेस के बर्तन! वीडियो वायरल होने के बाद FSSAI सख्त

Story 1

ऋषभ पंत का बड़ा धमाका: LSG की कप्तानी छोड़ी, क्या अब आगे की राह है मुश्किल?

Story 1

क्या पाकिस्तान इजरायल को देगा मान्यता? सवाल पर इशाक डार और मार्को रूबियो की चुप्पी ने मचाई खलबली

Story 1

चंदौली: सपा महिला जिलाध्यक्ष पर जानलेवा हमला, लोहे की रॉड से पिटाई का खौफनाक वीडियो वायरल

Story 1

आईपीएल क्वालीफायर-2: टॉस के दौरान हुआ बड़ा ब्लंडर , दोबारा सिक्का उछालने पर पलटी किस्मत