मिडिल ईस्ट में महायुद्ध के आसार: बंदर अब्बास हमले के बाद ईरान का अमेरिकी एयरबेस पर पलटवार
News Image

मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। बुधवार को बंदर अब्बास एयरपोर्ट के पास अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के जवाब में ईरान ने गुरुवार तड़के एक अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाने का दावा किया है।

हमले की पुष्टि और आईआरजीसी की चेतावनी ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि गुरुवार सुबह करीब 4:50 बजे अमेरिकी एयरबेस पर हमला किया गया। आईआरजीसी ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने आगे कोई भी सैन्य कदम उठाया, तो ईरान की प्रतिक्रिया और अधिक निर्णायक और विनाशकारी होगी।

कुवैत के एयरबेस पर संशय ईरान ने अपने बयान में एयरबेस का नाम स्पष्ट नहीं किया है, लेकिन कुवैत ने गुरुवार सुबह मिसाइल और ड्रोन हमलों को विफल करने का दावा किया है। जानकारों का मानना है कि निशाना कुवैत स्थित अली अल सलेम एयर बेस हो सकता है, जो अमेरिकी वायुसेना का एक प्रमुख एयरलिफ्ट हब और ड्रोन ऑपरेशन्स का केंद्र है।

48 घंटों में दो बड़े अमेरिकी हमले तनाव की शुरुआत अमेरिका द्वारा पिछले 48 घंटों में की गई दो सैन्य कार्रवाई से हुई। मंगलवार को अमेरिका ने दक्षिणी ईरान में मिसाइल लॉन्च साइट्स और नौसैनिक ठिकानों को निशाना बनाया। वहीं, बुधवार देर रात अमेरिका ने बंदर अब्बास के पास एक ड्रोन लॉन्च यूनिट को नष्ट किया।

अमेरिका का दावा है कि ये हमले सेल्फ डिफेंस (आत्मरक्षा) में किए गए थे ताकि ईरानी ड्रोन और समुद्री माइंस से अमेरिकी जहाजों और सैनिकों को बचाया जा सके। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरान ने एक अमेरिकी कारोबारी जहाज पर चार आत्मघाती ड्रोन से हमला करने की कोशिश की थी।

शांति वार्ता पर मंडराया संकट होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर वाशिंगटन और तेहरान के बीच पर्दे के पीछे से बातचीत चल रही थी। हालांकि, ताजा सैन्य हमलों और जवाबी कार्रवाई ने इन शांति प्रयासों को एक बड़ा झटका दिया है।

लगातार हो रही इन कार्रवाइयों ने क्षेत्र में युद्ध की आशंकाओं को बढ़ा दिया है। देखना यह है कि क्या अमेरिका इस जवाबी हमले को नजरअंदाज करता है या फिर आने वाले दिनों में मिडिल ईस्ट एक और बड़े संघर्ष का गवाह बनेगा।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

अल-नीनो का संकट: NASA के सैटेलाइट ने समुद्र की गहराइयों में पकड़ी खतरनाक हलचल

Story 1

नेहरू के कपड़े क्या पेरिस धुलने जाते थे? इतिहासकार पुष्पेश पंत ने खोलीं अनकही परतें

Story 1

यूनिवर्स बॉस के मुरीद हुए वैभव सूर्यवंशी, 15 साल की उम्र में तोड़ा गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड

Story 1

बैंगलुरु में 3BHK का किराया 1.10 लाख रुपये: क्या यह टेक सिटी का नया सच है?

Story 1

राहुल गांधी की हताशा बनाम सीबीएसई का ऑन-स्क्रीन विवाद: शिक्षा मंत्री ने क्या कहा?

Story 1

हाजीपुर में ज्योति मौर्या कांड जैसा मामला: जमीन बेचकर पत्नी को बनाया BPSC शिक्षिका, मिली बेवफाई

Story 1

कर्नाटक की सत्ता में बड़ा बदलाव: सिद्धारमैया ने दिया इस्तीफा, डीके शिवकुमार के लिए खुला रास्ता

Story 1

सिंगरौली कोर्ट बना ‘रणभूमि’: दो दिन में दूसरी हिंसा, 35 लोगों ने वकीलों पर किया हमला

Story 1

कहां बुझने का डर मुझको, मैं कोई शमा थोड़े हूं.. : उर्दू शायरी के चमकते सितारे बशीर बद्र का निधन

Story 1

बुलंदशहर: मस्जिद के बाहर नमाज पर बवाल, सपा नेताओं के सामने क्यों झुकना पड़ा पुलिस को?