उर्दू अदब की दुनिया के एक चमकते सितारे हमेशा के लिए खामोश हो गए हैं। पद्मश्री से सम्मानित मशहूर शायर बशीर बद्र का गुरुवार को भोपाल में 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से डिमेंशिया की बीमारी से जूझ रहे थे, जिसके कारण कई साल पहले ही उन्होंने सार्वजनिक जीवन से दूरी बना ली थी।
साहित्य जगत में शोक की लहर बशीर बद्र के निधन से पूरा साहित्य जगत स्तब्ध है। उनके निधन पर कवि और गीतकार प्रसून जोशी ने भी भावुक श्रद्धांजलि दी। उन्होंने बशीर बद्र की ही प्रसिद्ध पंक्तियों को याद करते हुए उन्हें विदाई दी: कहाँ बुझने का डर मुझको, मैं कोई शमा थोड़े हूं... । जोशी के अलावा देशभर के साहित्यकारों और प्रशंसकों ने उनकी रचनाओं को याद कर उन्हें नमन किया।
सात साल की उम्र से शुरू किया था सफर 15 फरवरी 1935 को फैजाबाद (अब अयोध्या) में जन्मे बशीर बद्र की प्रतिभा बचपन से ही मुखर थी। उन्होंने महज सात साल की उम्र में अपनी पहली शायरी लिखी थी। उनके बेटे सैयद बद्र के अनुसार, उनके पिता की शायरी मोहब्बत और जिंदगी का एक जश्न थी। उनकी पहचान उनका यह कालजयी शेर बन गया: उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो, न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए।
आम आदमी की जुबान बनी शायरी बशीर बद्र की सबसे बड़ी खूबी यह थी कि उन्होंने उर्दू की जटिलताओं के बीच भी अपनी शायरी में गजब की सादगी रखी। उनकी ग़ज़लें ऐसी थीं जो संसद की गलियारों से लेकर कॉलेज की कैंटीन तक, हर जगह गुनगुनाई जाती थीं। उन्होंने प्रेम, जुदाई और मानवीय रिश्तों की गहरी संवेदनाओं को बेहद सहज भाषा में पिरोया।
एक ऐसी विरासत जो कभी धुंधली नहीं होगी बेशक आज वे हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी रचनात्मक विरासत हमेशा जिंदा रहेगी। उनके बेटे ने प्रशंसकों से अपील की है कि उनके पिता की शायरी को शोक के बजाय जश्न की तरह याद रखा जाए। उन्होंने अपनी कलम से जो अल्फाज छोड़े हैं, वे आने वाली कई पीढ़ियों तक साहित्य प्रेमियों के दिलों में गूंजते रहेंगे।
*प्रसून जोशी ने बशीर बद्र साहब को ऐसे कहा ‘अलविदा’
— NDTV India (@ndtvindia) May 28, 2026
उर्दू के मशहूर शायर बशीर बद्र का 91 साल की उम्र में निधन हो गया है. वो लंबे वक्त से बीमार थे. उनके निधन के बाद पूरे साहित्य जगत में शोक की लहर है.#BashirBadr @prasoonjoshi_ pic.twitter.com/O2SE6t4eYL
मिडिल ईस्ट में महायुद्ध के आसार: बंदर अब्बास हमले के बाद ईरान का अमेरिकी एयरबेस पर पलटवार
NEET UG 2026: फीस रिफंड के लिए मिली बड़ी राहत, बैंक डिटेल्स जमा करने की डेडलाइन बढ़ी
ट्रंप की ओमान को सीधी चेतावनी; कहा- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर कब्जा किया तो उड़ा देंगे
बैंगलुरु में 3BHK का किराया 1.10 लाख रुपये: क्या यह टेक सिटी का नया सच है?
नीट पेपर लीक: राहुल गांधी ने निभाया वादा, मृतक छात्र के परिवार को सौंपा 11 लाख का चेक
फिल्ममेकर अनीक दत्ता की संदिग्ध मौत: छत से गिरकर गई जान, सुसाइड नोट ने खोले कई राज
डॉनल्ड ट्रंप नाम का भैंसा: बाल कटवाए तो जान चली जाती, अब सरकारी ज़ू में मिल रही वीआईपी सुरक्षा
क्या भारत सबसे गंदा देश है? शेनाज ट्रेजरी के वायरल वीडियो ने छेड़ी नई बहस
लखनऊ में दहलाने वाली वारदात: प्रॉपर्टी डीलर को गोलियों से भूना, CCTV में कैद हुई खौफनाक हत्या
कर्नाटक में सत्ता का ब्रेकफास्ट पॉलिटिक्स : सिद्धारमैया देंगे इस्तीफा, डीके शिवकुमार की ताजपोशी तय