रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने सूरजपुर प्रवास के दौरान एक अनूठी पहल करते हुए रामानुजनगर के पटना स्थित तेंदूपत्ता संग्रहण केंद्र पर महुआ के पेड़ के नीचे बैठकर ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाई। उन्होंने न केवल संग्राहकों की समस्याएं सुनीं, बल्कि उनकी आजीविका को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
संग्राहकों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री सीएम साय का तेंदूपत्ता संग्राहकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री को तेंदूपत्ता और तेंदू फलों से बनी विशेष माला पहनाई गई। इस दौरान उन्होंने संग्राहकों के परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि वनांचल के ये लोग राज्य की आत्मनिर्भरता की असली ताकत हैं।
सीधा संवाद और जनकल्याणकारी योजनाओं का फीडबैक मुख्यमंत्री ने चौपाल के जरिए ग्रामीणों से सीधे जुड़कर राशन वितरण, पेयजल व्यवस्था, जल जीवन मिशन, शिक्षा और राजस्व संबंधी मामलों की जमीनी हकीकत जानी। उन्होंने महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं से बातचीत कर जाना कि कैसे यह राशि उनके परिवार और बच्चों के जीवन को बेहतर बना रही है।
चरण पादुका का वितरण और सम्मान कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री ने संग्राहकों को चरण पादुका भेंट की। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वनोपज पर आधारित आजीविका से जुड़े परिवारों के हितों के संरक्षण और उनके जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।
लक्ष्य से अधिक संग्रहण, बढ़ी आय सरकार ने साल 2026 के लिए तेंदूपत्ता संग्रहण की दर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा तय की है। पटना केंद्र पर संग्रहण का उत्साहजनक आंकड़ा सामने आया है, जहां 50 मानक बोरा के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 66.640 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहित किया जा चुका है। इस केंद्र से वर्तमान में 108 संग्राहक सक्रिय रूप से जुड़े हैं, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति दे रहे हैं।
सरकार की प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वनाधारित अर्थव्यवस्था से जुड़े परिवारों की समृद्धि सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकार स्वयं चलकर लोगों तक पहुंच रही है ताकि उनकी समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया जा सके। इस दौरान मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
*सुशासन तिहार के अंतर्गत आज सूरजपुर के रामानुजनगर संग्रहण केंद्र, पटना में तेंदूपत्ता संग्राहक बहनों से संवाद कर उन्हें चरण पादुका पहनाकर सम्मानित किया।
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) May 21, 2026
तेंदूपत्ता संग्राहक बहनों का परिश्रम वनांचल की आत्मनिर्भरता की बड़ी ताकत है। हमारी सरकार द्वारा तेंदूपत्ता संग्रहण दर ₹5500… pic.twitter.com/eEFMGWfHOh
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