अगर आप नौकरीपेशा हैं और हर महीने अपनी सैलरी स्लिप में सिर्फ इन-हैंड रकम देखते हैं, तो अब आपको अपनी वित्तीय योजना पर फिर से गौर करने की जरूरत है। सरकार जल्द ही नया लेबर कोड (New Labour Code) लागू करने वाली है, जो आपकी सैलरी स्ट्रक्चर को पूरी तरह बदल देगा।
सैलरी स्ट्रक्चर में क्या बदलेगा? पुराने सिस्टम में कंपनियां अक्सर बेसिक सैलरी को कम (20% से 30%) रखती थीं और भत्तों (Allowances) को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाती थीं। इसका मकसद पीएफ (PF) योगदान को कम रखना होता था। लेकिन नए लेबर कोड के तहत, अब कुल सीटीसी (CTC) का कम से कम 50% हिस्सा बेसिक सैलरी होना अनिवार्य होगा।
उदाहरण से समझें कैलकुलेशन मान लीजिए आपकी सैलरी ₹1 लाख है। पहले अगर बेसिक ₹25,000 था, तो अब नए नियमों के अनुसार इसे बढ़ाकर ₹50,000 करना होगा। भले ही आपके अलाउंसेस कितने भी क्यों न हों, नए नियमों में बेसिक की सीमा को 50% पर फिक्स कर दिया गया है।
आपकी जेब पर कितना असर? सीधे शब्दों में कहें तो, आपकी इन-हैंड सैलरी में कमी आएगी। चूंकि बेसिक सैलरी बढ़ेगी, इसलिए उस पर कटने वाले पीएफ (PF) का योगदान भी बढ़ जाएगा। एम्प्लॉई और एम्प्लॉयर, दोनों को अब बढ़ी हुई बेसिक सैलरी पर 12% का योगदान देना होगा।
इसे शॉर्ट-टर्म पेन, लॉन्ग-टर्म गेन क्यों कहा जा रहा है? एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह बदलाव शुरुआत में थोड़ा कठिन लग सकता है क्योंकि आपके हाथ में कमाई कम आएगी। हालांकि, यह लंबे समय के लिए फायदेमंद है। पीएफ में आपका योगदान बढ़ने का मतलब है कि रिटायरमेंट के समय आपके पास एक बड़ा फंड (Corpus) जमा होगा, जो कंपाउंडिंग के जरिए आपकी भविष्य की आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करेगा।
निष्कर्ष: सुरक्षा पर बड़ा निवेश नया लेबर कोड केवल सैलरी कम करने का जरिया नहीं है, बल्कि यह रिटायरमेंट सिक्योरिटी को पुख्ता करने की एक रणनीति है। आज सैलरी में होने वाली मामूली कटौती भविष्य में ग्रेच्युटी और पीएफ के रूप में एक मोटी रकम बनकर वापस आएगी। इसलिए, इस बदलाव को नुकसान के बजाय बचत के एक नए नजरिए से देखना बेहतर है।
नए लेबर कोड का आपके CTC पर क्या हुआ असर?#NewLabourCode #CTC #SalaryStructure #InHandSalary #SalaryHike #Payroll #EmployeeBenefits @vish_marketing pic.twitter.com/C1Z8tc0cJF
— Zee Business (@ZeeBusiness) May 20, 2026
कॉकरोच जनता पार्टी : यमुना किनारे अनोखा विरोध, युवाओं ने कॉकरोच बनकर पेश की मिसाल
जर्मनी में काम करने का सुनहरा मौका: यूपी के युवाओं को मिलेगी 2.29 लाख रुपये महीने की सैलरी
14 साल के बच्चे का कमाल: 30 मिनट में बनाया फुटपाथ का टिंडर , बेंगलुरु के ट्रैफिक का निकाला समाधान
EPFO ला रहा है निधि आपके निकट : 28 मई को PF से जुड़ी हर समस्या का होगा ऑन-द-स्पॉट समाधान
थलपति विजय के लिए बड़ा झटका: तमिलनाडु से छिन गया 15,000 करोड़ का AMCA प्रोजेक्ट, आंध्र को मिला मौका
ब्रांड बिहार को नई पहचान दिलाने की मुहिम तेज: श्रद्धा शर्मा के साथ मिलकर सरकार ने शुरू किया काम
सर जी, टेंशन ना लो, हो जाएगा : 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने संगाकारा को कैसे किया शांत?
Drishyam 3 Review: मोहनलाल का जादू या कमजोर कहानी? फैंस के होश उड़े, तो क्रिटिक्स हुए निराश
महाराष्ट्र में बढ़ेगा साइप्रस का निवेश; मुंबई में खुलेगा नया ट्रेड सेंटर, कई बड़े समझौतों पर लगी मुहर
गुजरात की आतिशबाजी: गिल, सुदर्शन और बटलर के अर्धशतकों से CSK को मिला 230 रनों का लक्ष्य