कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बन गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नॉर्वे दौरे और अडानी समूह को लेकर किए गए उनके एक पोस्ट में हुई बड़ी तथ्यात्मक गलती के कारण उन्हें इंटरनेट यूजर्स के तीखे व्यंग्य का सामना करना पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी इस समय यूरोप दौरे पर हैं और 43 वर्षों में नॉर्वे जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने हैं। इसी घटनाक्रम के बीच राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक ग्राफिक साझा किया, जिसमें पीएम मोदी और अडानी समूह पर कटाक्ष किया गया था।
ग्राफिक में दावा किया गया कि नॉर्वे के सॉवरेन वेल्थ फंड ने अडानी ग्रीन एनर्जी को अपने पोर्टफोलियो से बाहर कर दिया है। इसके साथ ही पीएम मोदी के दौरे पर सवाल उठाते हुए उन्होंने तंज कसा कि क्या पीएम ने अपनी व्यक्तिगत अपील पर अडानी को पेंशन फंड की ब्लैकलिस्ट से बाहर करवाया है।
इस पोस्ट में राहुल गांधी की टीम एक बहुत बड़ी गलती कर बैठी। ग्राफिक में नॉर्वे का जिक्र करते हुए नॉर्वे के झंडे की जगह स्वीडन का झंडा लगा दिया गया।
जैसे ही पोस्ट लाइव हुआ, सोशल मीडिया यूजर्स की पैनी नजर इस गलती पर पड़ गई। लोगों ने स्वीडन और नॉर्वे के झंडों के अंतर को स्पष्ट करते हुए कांग्रेस की रिसर्च टीम पर जमकर निशाना साधा।
यूजर्स का कहना है कि जो टीम एक देश के प्रधानमंत्री पर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति जैसे गंभीर विषयों पर सवाल उठा रही है, उसे इतना भी ज्ञान नहीं है कि कौन सा झंडा किस देश का है। इस चूक ने अडानी वाले मुद्दे पर बहस को दरकिनार कर कांग्रेस की सोशल मीडिया टीम की फजीहत करा दी है।
यह दौरा भारत की वैश्विक कूटनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ओस्लो में पीएम मोदी तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। 18 मई को नॉर्वे पहुंचने पर उन्हें वहां के सर्वोच्च नागरिक सम्मान द ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट से सम्मानित भी किया गया है।
झंडे वाली गलती से पहले राहुल गांधी ने पीएम मोदी के प्रेस कॉन्फ्रेंस न करने पर भी तंज कसा था। उन्होंने एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा था, जब छिपाने के लिए कुछ नहीं होता तो डरने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री पत्रकारों के सवालों से बचते नजर आए।
फिलहाल, सोशल मीडिया पर इस गलती को लेकर राहुल गांधी या कांग्रेस पार्टी की ओर से कोई सफाई नहीं आई है और न ही विवादास्पद पोस्ट को हटाया गया है। विपक्ष के नेता के तौर पर राहुल गांधी के ग्राफिक में हुई यह गलती इंटरनेट पर एक बड़ा मॉक टॉपिक बनी हुई है।
We get very good information these days.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 19, 2026
Modi ji, did Norway agree to your personal request to remove Adani from their pension fund black list? pic.twitter.com/UK9PKD514r
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