हमारी पीढ़ी से 10 गुना बेहतर है Gen-Z : आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने क्यों की युवाओं की तारीफ?
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नई दिल्ली: हाल के दिनों में जेन-जी (Gen-Z) शब्द न केवल सोशल मीडिया बल्कि हर चर्चा के केंद्र में है। अब भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने इस पीढ़ी पर एक बड़ी टिप्पणी की है। उन्होंने न केवल युवाओं की तारीफ की, बल्कि उन्हें भविष्य की जंग जीतने का आधार भी बताया है।

वे हमसे कहीं ज्यादा कुशल हैं आर्मी चीफ ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे स्वीकार करते हैं कि जेन-जी पीढ़ी उनकी अपनी पीढ़ी से कम से कम 10 गुना बेहतर है। उन्होंने युवाओं की अनुकूलन क्षमता (adaptability), सामाजिक जागरूकता, वैश्विक जुड़ाव और डिजिटल कौशल को उनकी सबसे बड़ी ताकत बताया है।

युद्ध के मैदान में सरल समाधान की तलाश जनरल द्विवेदी ने कहा कि सेना 2026-27 को नेटवर्किंग और डेटा केंद्रितता का वर्ष मान रही है। उन्होंने बताया कि सेना ने इंटर्नशिप प्रोग्राम शुरू किया है, जिसमें 100 रिक्तियों के लिए एक लाख आवेदन मिले हैं।

आर्मी चीफ के अनुसार, युवा अक्सर जटिल समस्याओं का बहुत सरल समाधान लेकर आते हैं। उन्होंने कहा, हमें टैंक बनाम टैंक की लड़ाई नहीं चाहिए। जो मुझे कठिन समस्याओं का सरल समाधान देगा, वही हमारे लिए युद्ध जीतेगा।

आधुनिकीकरण और तकनीक की चुनौती आत्म-साक्षात्कार (Self-realization) पर बात करते हुए सेना प्रमुख ने कहा कि अपनी वास्तविक क्षमता को पहचानना और उस स्तर तक पहुंचना ही असली नेतृत्व है। उन्होंने सेना में हो रहे तेजी से आधुनिकीकरण का जिक्र करते हुए कहा कि आज तकनीक हर 18 महीने में पुरानी हो जाती है। ऐसे में नई पीढ़ी का तकनीक के प्रति सहज होना सेना के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है।

प्रेरणा के पीछे रामायण और महाभारत अपनी सैन्य यात्रा के बारे में बात करते हुए जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बताया कि उनके करियर के पीछे उनके बचपन का माहौल था। उन्होंने कहा, मेरे घर में हमेशा महाभारत और रामायण पर चर्चा होती थी। साथ ही प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध की कहानियों ने भी मुझे प्रभावित किया।

रक्षा सहयोग को मिल रही मजबूती जनरल द्विवेदी न केवल घरेलू मोर्चे पर युवाओं को जोड़ रहे हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सक्रिय हैं। हाल ही में उनकी यूके के एयर चीफ मार्शल के साथ बैठक हुई, जिसमें भारत-यूनाइटेड किंगडम के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा हुई। इसके अलावा, आर्मेनिया के साथ रक्षा साझेदारी पर भी सेना का पूरा जोर है।

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