नीदरलैंड में मोदी का पावर मिशन: सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी में भारत-यूरोप की नई साझेदारी
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एम्स्टर्डम: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन दिवसीय महत्वपूर्ण आधिकारिक दौरे पर नीदरलैंड पहुंच गए हैं। यह यात्रा भारत और यूरोप के बीच कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों को एक नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से की गई है। एम्स्टर्डम पहुंचने पर डच विदेश मंत्री टॉम बेरेंडसेन ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

व्यापार और तकनीक पर फोकस इस दौरे का मुख्य एजेंडा अत्याधुनिक तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा और रक्षात्मक व्यापारिक सहयोग है। प्रधानमंत्री मोदी डच प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ द्विपक्षीय वार्ताओं में रणनीतिक साझेदारी को पुख्ता करेंगे। इसके अलावा, वह नीदरलैंड के राजा विलेम-अलेक्जेंडर और महारानी मैक्सिमा से मुलाकात कर कूटनीतिक संबंधों को और मजबूत करेंगे।

ग्रीन एनर्जी का बनेगा नया आधार भारत और नीदरलैंड के बीच ग्रीन एनर्जी को लेकर एक ऐतिहासिक समझौता होने की उम्मीद है। देश में ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए डच कंपनियों की विशेषज्ञता को गेम-चेंजर माना जा रहा है। डच तकनीक भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को नई रफ्तार देगी, जिससे जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होगी।

सेमीकंडक्टर सेक्टर में बड़ी बढ़त भारत और नीदरलैंड के बीच सेमीकंडक्टर निर्माण को लेकर भी अहम करार हो सकते हैं। हाल ही में भारत में आयोजित AI समिट और सेमीकॉन प्रदर्शनी में डच कंपनियों की सक्रिय भागीदारी ने इस सहयोग का आधार तैयार किया है। सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में नीदरलैंड की विशेषज्ञता भारत के मेक इन इंडिया अभियान को वैश्विक स्तर पर मजबूती प्रदान करेगी।

यूरोपीय बाजार के लिए गेटवे है नीदरलैंड भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर चर्चा अंतिम दौर में है। साल के अंत तक इसके लागू होने की प्रबल संभावनाएं हैं। नीदरलैंड को यूरोप का प्रवेश द्वार माना जाता है, इसलिए निवेश और व्यापार के विस्तार के लिए यह साझेदारी भारत के लिए बेहद रणनीतिक है।

भारतीय समुदाय से होगा संवाद अपनी यात्रा के दौरान पीएम मोदी नीदरलैंड में रह रहे विशाल भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे। प्रवासी भारतीय दोनों देशों के बीच सेतु का काम करते हैं। साथ ही, पीएम मोदी प्रमुख डच व्यापारिक दिग्गजों के साथ बैठक कर भारत में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे।

वैश्विक मंचों पर मजबूत केमिस्ट्री भारत और नीदरलैंड पहले से ही इंटरनेशनल सोलर अलायंस और डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर गठबंधन जैसे वैश्विक मंचों पर साथ काम कर रहे हैं। इस दौरे के बाद स्वच्छ ऊर्जा और तकनीक के क्षेत्र में दोनों देशों की ओर से कुछ ठोस और नई पहल देखने को मिल सकती है।

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