आखिर मौत से पहले क्या हुआ था? पोस्टमार्टम में प्रतीक यादव के शरीर पर मिलीं अलग-अलग समय की 6 चोटें
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लखनऊ में अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव की असामयिक मौत ने राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में हलचल मचा दी है। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) द्वारा जारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस मामले को एक रहस्यमयी मोड़ दे दिया है।

फेफड़ों में खून का थक्का : मौत की मेडिकल मिस्ट्री पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, प्रतीक यादव की मौत का प्राथमिक कारण मैसिव पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज़्म (फेफड़ों की धमनियों में खून का थक्का जमना) बताया गया है। इस स्थिति के कारण कार्डियोरेस्पिरेटरी फेलियर हुआ, जिससे उनकी सांसें और दिल की धड़कन अचानक रुक गईं। डॉक्टरों ने गहन जांच के लिए उनके हृदय और अन्य अंगों को विसरा (Visceral Analysis) के लिए सुरक्षित रख लिया है।

शरीर पर 6 रहस्यमयी चोटें रिपोर्ट का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा शरीर पर मिली 6 एंटीमॉर्टम (मौत से पहले की) चोटें हैं। ये चोटें सीने, दाहिनी बांह, कलाई और कोहनी पर पाई गई हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ये चोटें अलग-अलग समय की हैं—इनमें से 3 चोटें 5-7 दिन पुरानी हैं, जबकि 3 अन्य चोटें महज एक दिन पुरानी बताई गई हैं। प्रतीक लीवर और फेफड़ों की बीमारी का इलाज करवा रहे थे, लेकिन इन बाहरी निशानों ने संदेह खड़ा कर दिया है।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गई थीं सांसें घटनाक्रम के मुताबिक, गुरुवार सुबह करीब 6:15 बजे परिजनों ने उन्हें सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें ब्रॉट डेड (मृत अवस्था में लाया गया) घोषित कर दिया। उस समय प्रतीक की पत्नी और भाजपा नेता अपर्णा यादव शहर से बाहर थीं। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के जरिए घटना पर शोक व्यक्त किया है।

विवादों और सुलह का इतिहास प्रतीक यादव का जीवन काफी चर्चाओं में रहा था। राजनीति से दूर रहकर रियल एस्टेट और जिम बिजनेस में पहचान बनाने वाले प्रतीक का निजी जीवन हाल के दिनों में सुर्खियों में था। उन्होंने इसी साल अपनी पत्नी अपर्णा यादव पर मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए थे, हालांकि कुछ समय बाद ही उन्होंने सुलह की घोषणा कर दी थी।

जांच का इंतज़ार प्रतीक की मौत के बाद सोशल मीडिया पर साजिश और पारिवारिक कलह को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, किसी भी आधिकारिक एजेंसी ने अब तक किसी आपराधिक पहलू की पुष्टि नहीं की है। फिलहाल, अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है, जो यह स्पष्ट कर पाएगी कि क्या इन चोटों का मौत से कोई सीधा संबंध है या ये उनके चल रहे उपचार का परिणाम हैं।

प्रमुख बिंदु:

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