विपक्ष का नेता रबर स्टैंप नहीं : CBI डायरेक्टर चयन प्रक्रिया पर राहुल गांधी का तीखा विरोध
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लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सीबीआई (CBI) डायरेक्टर की चयन प्रक्रिया को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रधानमंत्री आवास पर हुई उच्च स्तरीय बैठक में राहुल गांधी ने हिस्सा तो लिया, लेकिन वहां एक डिसेंट नोट (असहमति पत्र) सौंपकर पूरी प्रक्रिया को ही कठघरे में खड़ा कर दिया।

क्या है राहुल गांधी का आरोप? राहुल गांधी ने स्पष्ट किया है कि वे इस पक्षपातपूर्ण प्रक्रिया का हिस्सा बनकर अपना संवैधानिक कर्तव्य नहीं छोड़ सकते। उनका आरोप है कि सरकार ने चयन समिति को महज एक औपचारिकता बना दिया है। राहुल ने सोशल मीडिया पर भी लिखा, विपक्ष का नेता कोई रबर स्टैंप नहीं है।

दस्तावेज नहीं देने पर जताया ऐतराज राहुल गांधी ने अपने दो पन्नों के नोट में बताया कि उन्हें उम्मीदवारों की सेल्फ-अप्रेजल रिपोर्ट या 360-डिग्री रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने कहा, बैठक के दौरान अचानक 69 उम्मीदवारों के रिकॉर्ड थमा दिए जाते हैं, जबकि विस्तृत समीक्षा के लिए समय और पूर्व जानकारी जरूरी है। यह जानबूझकर जानकारी छिपाने जैसा है, ताकि सरकार का पहले से तय उम्मीदवार ही चुना जा सके।

CBI के दुरुपयोग का मुद्दा कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि सरकार लगातार CBI का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों, पत्रकारों और आलोचकों को निशाना बनाने के लिए करती रही है। उन्होंने दावा किया कि वे पहले भी निष्पक्ष प्रक्रिया के लिए सुझाव दे चुके हैं, लेकिन सरकार ने उनके किसी भी पत्र का कोई जवाब नहीं दिया।

बैठक में कौन-कौन था शामिल? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राहुल गांधी के अलावा सुप्रीम कोर्ट के जज सूर्यकांत भी सदस्य के तौर पर मौजूद थे। हालांकि, बैठक के बाद किसी भी आधिकारिक निष्कर्ष या परिणाम के बारे में जानकारी नहीं दी गई है।

किसकी जगह लेंगे नया डायरेक्टर? मौजूदा CBI डायरेक्टर प्रवीण सूद का कार्यकाल 24 मई को समाप्त हो रहा है। सूत्रों के अनुसार, सरकार नए प्रमुख के चयन के लिए कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नामों पर विचार कर रही है। जिन नामों को रेस में बताया जा रहा है, उनमें पराग जैन, शत्रुजीत कपूर, योगेश गुप्ता, जी.पी. सिंह और प्रवीर रंजन शामिल हैं। फिलहाल, विपक्ष के कड़े विरोध के बाद सरकार का अगला कदम क्या होगा, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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